
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी और शादी के संबंध में पहली बार खुलकर बात की। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ कह दिया कि उन्हें किसी भी चीज को लेकर किसी भी रूप में कोई पछतावा नहीं है। है। वे किसी पर आरोप लगाने के बजाय आगे बढ़ने और अपनी ऊर्जा क्रिकेट में लगाने पर जोर दे रहे हैं। अदालत के आदेश के तहत वे अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, लेकिन उनका स्पष्ट संदेश यही है कि वे चाहते हैं कि उनकी पहचान सिर्फ उनके खेल से हो, निजी विवादों से नहीं।
शमी ने क्या कहा?
शमी ने स्पष्ट रूप से कहा, ‘जो बीत गया उसे पीछे छोड़ दो। मुझे अतीत पर कोई पछतावा नहीं है। मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता, न खुद को और न ही दूसरों को।’ यानी उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब उनका ध्यान सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट पर है, विवादों पर नहीं।
अदालत का आदेश
शमी और हसीन जहां का वैवाहिक जीवन 2014 में शुरू हुआ था, लेकिन 2018 में दोनों के रिश्ते में दरार आ गई। हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। हाल ही में कोलकाता उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि शमी को अपनी पत्नी और बेटी के लिए हर महीने कुल चार लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसमें 1.5 लाख रुपये पत्नी को और 2.5 लाख रुपये बेटी को देने का निर्देश दिया गया। अदालत ने साथ ही यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट को इस मामले की सुनवाई छह माह के भीतर पूरी करनी होगी। हसीन जहां के वकील ने इसे राहतभरा कदम बताया, जबकि सोशल मीडिया पर इस आदेश को लेकर काफी चर्चा और आलोचना भी देखने को मिली।
आगे बढ़ने का संदेश
शमी ने अन्य क्रिकेटरों की निजी जिंदगी से जुड़े सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे शिखर धवन और युजवेंद्र चहल के वैवाहिक विवादों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘ये आपका काम है इन बातों की पड़ताल करना। हमें फांसी पर क्यों लटकाना चाहते हो? दूसरी तरफ भी देखो। मैं सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान देता हूं, विवादों पर नहीं।’ इस बयान से साफ है कि शमी चाहते हैं कि उनके करियर को उनकी निजी जिंदगी से ज्यादा महत्व दिया जाए।
क्रिकेट में वापसी पर ध्यान
शमी धीरे-धीरे मैदान पर भी वापसी की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दुलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए नॉर्थ जोन के खिलाफ 17 ओवरों में 55 रन देकर एक विकेट हासिल किया। हालांकि, 2025 के आईपीएल सीजन में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेले गए नौ मैचों में उन्हें केवल छह विकेट मिले। इस कमजोर प्रदर्शन की वजह से उन्हें एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी और आगामी एशिया कप की टीम में जगह नहीं मिल पाई।