सुर शंकरा ने रायसेन जेल के बंदी भाईयों का किया मनोरंजन



सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप के कार्य. अध्यक्ष व मैनेजर इंजी. प्रतीक गर्ग एवं प्रेरणास्रोत सीए. निहारिका गर्ग ने जिला जेल रायसेन में 08 फ़रवरी 2026 को ग्रुप की सफल 167वीं निःशुल्क संगीतमय प्रस्तुति के लिये जेल अधीक्षक आर.के. चौरे का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि ग्रुप के संस्थापक सुरेश गर्ग के नेतृत्व में बंदी भाई-बहनों को अपराध की दुनिया छोड़ कर अवसाद से दूर रहकर स्वस्थ वातावरण में रोजगार के माध्यम से जीवन यापन करने का संदेश देकर गीतों के माध्यम से किये गये संगीतमय कार्यक्रम की शानदार एंकरिंग संभागीय अध्यक्ष आयशा खान ने, लेपटॉप ऑपरेटिंग परी अलीज़ा खान ने एवं विडियोग्राफी जावेद खान व इसरार खान ने, साउंड ऑपरेटिंग रायसेन के अंकुश कुशवाह ने की तथा कार्यक्रम की शुरुआत सिंगर शशिलता व अमिता बोरसे की आवाज़ में शिवनाथ तेरी महिमा से हुई, उसके बाद एक से बढ़कर एक गीतों की श्रंख़ला में अलीज़ा खान ने पंछी बनूं उड़ती फिरूं मस्त गगन में, आयशा खान ने हमें तुमसे प्यार कितना, शशिलता ने छोटी सी उमर में लग गया रोग, अमिता बोरसे ने तौबा कैसे हैं नादान, जावेद खान ने तेरे जैसा यार कहाँ, इसरार खान ने क्या तुम्हें पता है ऐ गुलशन, मेहमूद खान ने कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार, दिलिप बोरसे ने हम तुम्हें चाहते हैं ऐसे, सुरेश गर्ग ने समझौता ग़मो से कर लो गाकर खूब तालियां बटोरी वहीं दूसरी तरफ़ जब युगल गीतों की बौछार होना शुरू हुई तो बंदी भाई ख़ुशी के कारण डांस करते दिखाई दिये l कार्यक्रम का टाइटल गीत जय जय शिव शंकर कांटा लगे न कंकर ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश गर्ग व संभागीय अध्यक्ष आयशा खान ने गाया तथा शशिलता व सुरेश गर्ग ने जिसके सपने हमें रोज़ आते रहे, अमिता बोरसे व दिलिप बोरसे ने दोनों जवानी की मस्ती में चूर, अलीज़ा खान व सुरेश गर्ग ने देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए, अमिता बोरसे व सुरेश गर्ग ने मैंने देखा तूने देखा क्या देखा, शशिलता व आयशा खान ने क़ज़रा मोहब्बत वाला, अलीज़ा खान व आयशा खान ने हँसता हुआ नूरानी चेहरा के अलावा कार्यक्रम का समापन गीत तुमको मेरे दिल ने पुकारा है ग्रुप के संस्थापक सुरेश गर्ग व एंकर आयशा खान की आवाज़ में होने के पूर्व जेल अधीक्षक ने सुर शंकरा परिवार को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया एवं कार्यक्रम समापन के बाद समस्त सिंगर्स को स्वादिष्ट भोजन खिलाकर पहाड़ी इलाके में निर्मित जेल परिसर की चट्टानों को तोड़ तोड़ कर बंदी भाईयों की अपार मेहनत से उगाये गये औषधि एवं फलदार पौधों का अवलोकन करवाया जिनमें आल स्पाइस, हींग, दाल चीनी, हरी इलायची, तेज पत्ता, काली मिर्च, लोंग, चीकू, नासपाती, खैर, आलू बुखारा, लेमन ग्रास, नीबू, पारिजात, कटहल, आंवला, चंदन, पत्थर चटा, रंगून क्रीपर, कागड़ी नीबू, मीठी नीम, मूंगा, मुर्ग केश, बेल, शमी, अमरुद, पपीता, आम, हर्रा, बहेड़ा, सागौन, पीपल, बड़, नीम, पुदीनहरा, शीशम, सिंदूर, जेड जेड प्लांट, पीस लिली, स्नेक प्लांट, अपराजिता, डेलारडिया, क्रोटान, वन तुलसी, रामा तुलसी, श्यामा तुलसी, एलोवेरा, जामुन, अंजीर, रुद्राक्ष, अश्वगंधा, गुलाब आदि देख सुर शंकरा के सिंगर्स ने जेल अधीक्षक आर.के. चौरे, वरिष्ठ प्रहरी प्रमोद सिंह, प्रहरी पवन शर्मा, संजय नेगी, ब्रजेन्द्र सिंह, नसीम बेग, श्रीमती पूजा तेलंग, श्रीमती कुमुद सिंह, श्रीमती भारती रघुवंशी सहित समस्त कर्मचारी एवं बंदी भाई-बहनों ने कार्यक्रम का आनंद लेकर खूब तालियां बजाकर बीच बीच में डांस किया जिसकी प्रशंसा की l
सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप की 12 फ़रवरी को शाम 6 बजे से 168वीं भोपाल हाट परिसर में चल रहे आदि महोत्सव में तथा 15 फ़रवरी को शाम 6 बजे पॉलिटेक्निक कॉलेज में 169वीं सम्पन्न होने जा रही संगीतमय प्रस्तुति में सभी संगीतप्रेमी सम्मान पूर्वक आमंत्रित हैं l


