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स्वाद भी सेहत भी, आपकी सबसे पसंदीदा ये चीज दिल और लिवर दोनों के लिए है वरदान

  • कॉफी में कुछ ऐसे नेचुरल कंपाउंड होते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दिल की धड़कन को स्थिर करते हैं।
  • एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण कॉफी फैटी लिवर रोग, फाइब्रोसिस में भी लाभकारी है।लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। लिहाजा हृदय रोग और लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ गई हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि अब ये समस्याएं सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि कम उम्र के लोग भी इनका शिकार हो रहे हैं।

    अध्ययनों से पता चलता है कि हृदय रोगों के बढ़ने के पीछे हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और डायबिटीज जैसे कारण प्रमुख हैं। वहीं लिवर की बीमारियों के लिए शराब का अधिक सेवन, तला-भुना भोजन और प्रोसेस्ड फूड्स को बड़ा कारण माना जा रहा है।

    क्या आप जानते हैं कि कॉफी पीने से इन दोनों ही समस्याओं में आराम पाया जा सकता हैलिवर-हार्ट के लिए फायदेमंद है कॉफी

    अध्ययनों से पता चलता है कि सीमित मात्रा में कॉफी पीना हृदय और लिवर दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन कम करने में मदद करती हैं, जिससे दिल की धमनियां स्वस्थ रहती हैं। वहीं अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि नियमित रूप से कॉफी पीने वालों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है।

    अगर आप थकान दूर करने और खुद को रिफ्रेश करने के लिए कॉफी पीते हैं तो ये आपके दिल और लिवर को भी फायदा पहुंचाने वाली हो सकती है। एक अध्ययन से पता चलता कि एट्रियल फाइब्रिलेशन वाले लोगों के लिए कॉफी पीना फायदेमंद हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल अनियमित रूप से और या तेजी से धड़कता है।

    अध्ययन में इस बात पर जोर दिया गया कि कॉफी न सिर्फ इस समस्या के शिकार लोगों के लिए लाभकारी है बल्कि भविष्य में आपको एट्रियल फाइब्रिलेशन के खतरे से भी बचाए रखने में मददगार हो सकती है। ऐसे लोगों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।इस अध्ययन में अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के लगभग 200 बुजुर्ग प्रतिभागी शामिल थे। वे सभी कॉफी पीते थे और उन्हें एट्रियल फाइब्रिलेशन था। इन प्रतिभागियों को दो ग्रुप में बांटा गया। एक ग्रुप जिसने रोजाना कम से कम एक कप कॉफी पीना जारी रखा वहीं और दूसरे ग्रुप ने कम से कम छह महीने के लिए पूरी तरह से कॉफी पीना बंद कर दिया। समय के साथ उनकी सेहत को इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम और हार्ट मॉनिटर से ट्रैक किया गया।

    जिन लोगों ने कॉफी पीना बंद कर दिया था उस ग्रुप के लगभग 64 प्रतिशत लोगों को अनियमित दिल की धड़कन की समस्या का खतरा अधिक था। जबकि कॉफी पीते रहने वाले ग्रुप के लोगों में ये खतरा कम था

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