करुणा बुध्द विहार में पूज्य भन्ते प्रज्ञारत्न जी की धम्म देशना

जाने अंजाने मे की गई ग़लती से शील नष्ट नहीं होता
भोपाल। करुणा बुध्द विहार, तुलसी नगर, भोपाल मे विगत आषाढ़ पूर्णिमा से वर्षावासरत भन्ते प्रज्ञारत्न थेरो जी ने बुद्ध वंदना लेकर परित्राण पाठ किया। इस अवसर धम्मदेशना देते हुए उन्होने कहा कि भगवान बुद्ध व्दारा दिये गये प्रवचनों को अवश्य सुनाना चाहिए तथा इनके शीलों का नियमित पालन करना चाहिए, इसे वह व्यक्ति सदैव प्रगति की ओर अग्रसर रहता है, उसके परिवार में शांति और समृद्धि रहती है। कभी कभी जाने अंजाने में हमसे कोई ग़लती हो जाती है, तो इससे शील तुटेगा, इससे पूण्य लाभ जरुर नहीं मिलेगा, लेकिन कोई शील भंग नहीं होगा। किन्तु जानबूझकर की जानेवाली गलती से शील भंग होगा और इससे आपको किसी भी प्रकार का पूण्य लाभ प्राप्त नहीं होगा। निस्वार्थ भाव से शीलों का पालन करना बहुत जरूरी है, तभी आपको अनंत पूण्य लाभ प्राप्त होंगे। इससे आपका परिवार भी लाभान्वित होंगा। इस अवसर पर आयु प्रीतम शेंडे परिवार की ओर से पूज्य भन्ते जी को भोजन दान किया गया तथा उपस्थित उपासक और उपासिकाओं को को भी भोजन कराया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भोपाल के विभिन्न विहार के उपासक उपासकायें और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।