आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर नहीं रुकेगा खेल, टेस्ट क्रिकेट में बदले नियम

मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने 2026 के लिए नए क्रिकेट नियम घोषित किए हैं. अब टेस्ट मैच में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल नहीं रुकेगा. इसके साथ ही महिला और अंडर 13 क्रिकेट में गेंद के वजन और साइज में बदलाव किया गया है. यह बदलाव खेल को और रोमांचक बनाएंगे.
MCC New Rules: क्रिकेट की दुनिया में नियम बनाने वाली सबसे बड़ी संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने साल 2026 के लिए नए कानूनों का ऐलान कर दिया है. इन बदलावों का सबसे बड़ा असर टेस्ट क्रिकेट पर पड़ेगा. एमसीसी ने खेल को और भी रोमांचक बनाने के लिए कई अहम नियमों में फेरबदल किया है. इसमें दिन के आखिरी ओवर और क्रिकेट बॉल के वजन और साइज को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं. इन नियमों के आने से अब मैच का रोमांच आखिरी गेंद तक बना रहेगा. आइए जानते हैं कि इन नए नियमों से क्रिकेट का मैदान कितना बदलने वाला है और खिलाड़ियों पर इसका क्या असर होगा.
टेस्ट क्रिकेट में अब आखिरी गेंद तक मचेगा धमाल
एमसीसी के नए कानून 12.5.2 के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरते ही उस दिन का खेल बंद नहीं होगा. पुराने नियम के हिसाब से अगर दिन के आखिरी ओवर में कोई विकेट गिरता था, तो अंपायर वहीं खेल खत्म कर देते थे और मैच स्टंप्स हो जाता था. इसके बाद बल्लेबाजी करने वाली टीम अगले दिन अपनी रणनीति के हिसाब से नए बल्लेबाज को मैदान पर उतारती थी.
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. नए नियम के मुताबिक अगर आखिरी ओवर में विकेट गिरा तो मैच उस दिन की अंतिम गेंद तक जारी रहेगा. जब तक ओवर की छह गेंदें पूरी नहीं हो जातीं, खेल नहीं रुकेगा. इससे दर्शकों को भी पूरा ओवर देखने को मिलेगा.
फील्डिंग टीम के लिए बढ़ जाएगा दबाव बनाने का मौका
इस नए नियम से गेंदबाजी और फील्डिंग कर रही टीम को बहुत बड़ा फायदा होने वाला है. अक्सर देखा जाता है कि दिन के आखिरी पलों में बल्लेबाज थके हुए होते हैं और उनका ध्यान थोड़ा भटक जाता है. ऐसे में अगर एक विकेट गिरता है, तो फील्डिंग टीम पूरी तरह से हावी हो जाती है. पुराने नियम में खेल रुक जाने से बल्लेबाजी टीम को राहत मिल जाती थी.
अब नए बल्लेबाज को तुरंत क्रीज पर आना होगा और उस ओवर की बची हुई गेंदों का सामना करना होगा. इससे गेंदबाजी करने वाली टीम को एक और विकेट झटकने या विरोधी पर तगड़ा मानसिक दबाव डालने में बहुत मदद मिलेगी.
MCC ने महिला क्रिकेट को और भी बेहतर बनाने के लिए गेंद के मानक बदल दिए हैं. अभी तक महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंद का वजन 140 ग्राम से 151 ग्राम के बीच होता था और इसका साइज 21 से 22.5 सेंटीमीटर के बीच रहता था. ताजा नियमों के मुताबिक अब गेंद का वजन 140 ग्राम से घटाकर 149 ग्राम के बीच कर दिया गया है.
इसके साथ ही गेंद का साइज अब 21.5 से 22 सेंटीमीटर के बीच होगा. गेंद के वजन में यह कमी और साइज में बदलाव इसलिए किया गया है ताकि महिला खिलाड़ी इसे बेहतर तरीके से ग्रिप कर सकें और खेल में ज्यादा गति और टर्न देखने को मिले.
जूनियर क्रिकेट (अंडर 13) के लिए भी नई गाइडलाइन
सिर्फ बड़े लेवल पर ही नहीं, बल्कि जूनियर क्रिकेट (अंडर 13) में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. छोटे बच्चों के लिए गेंद का सही वजन और साइज होना बहुत जरूरी है ताकि उनकी तकनीक खराब न हो. पहले अंडर 13 क्रिकेट में गेंद का वजन 133 से 144 ग्राम और साइज 20.5 से 22 सेंटीमीटर होता था.
नियमों में बदलाव के बाद अब इस वजन को 140 से 144 ग्राम के बीच रखा गया है. वहीं साइज को भी सीमित करके 20.5 से 21 सेंटीमीटर कर दिया गया है. एमसीसी का मानना है कि इन छोटे-छोटे तकनीकी बदलावों से भविष्य के क्रिकेटरों को तैयार करने में काफी मदद मिलेगी और खेल का स्तर और ज्यादा सुधरेगा.




