शासन ने सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए वक़्फ़ उम्मीद पोर्टल की शुरूआत की

भोपाल ।शासन ने 06 जून से वक़्फ़ उम्मीद पोर्टल की शुरूआत की है जिसमें वक़्फ़ संपत्तियों के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है जबकि ज़्यादातर संपत्तियों का गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और शासन के रिकार्ड में वक़्फ़ संपत्ति के नाम पर दर्ज हैं। यह कि वक़्फ़ कानून 2025 के विरोध में माननीय सर्वाेच्च न्यायालय में कईं याचिकायें लंबित हैं जिसमें मैं स्वयं भी याचिकाकर्ता हूॅ, जिसका नम्बर 381/2025 है, जो कि अभी भी माननीय सर्वाेच्च न्यायालय में विचाराधीन है जिसमें माननीय न्यायालय ने फाइनल ऑर्डर को सुरक्षित रखा है और माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ने समस्त याचिकाओं में अंतरिम आदेश जारी कर शासन को निर्देशित किया है कि जब तक समस्त याचिकाआंे का निराकरण नहीं हो जाता है तब तक वक़्फ़ संपत्तियों के पंजीकरण के संबंध में कोई भी कार्यवाही नहीं की जावेगी परंतु शासन ने माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश की अवहैलना करते हुए वक़्फ़ उम्मीद पोर्टल की शुरूआत की है।अतः मध्यप्रदेश के विधायक एवं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारणी सदस्य के रूप में मैं आपसे अनुरोध करता हूॅ कि तत्काल उपरोक्त संबंध में किये गये समस्त आदेशों को निरस्त करने की करने की कृपा करें। अन्यथा मुझे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा पुनः खटखटाना पड़ेगा।