



रिणवा ने बताया कि पंचायत और विधानसभा की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में अभी काफी अंतर दिख रहा है, लेकिन जैसे ही विधानसभा की मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होगी, तब यह अंतर इतना बड़ा नहीं रह जाएगा। अभी विधानसभा की मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रतिदिन 50 हजार आवेदन आ रहे हैं, जिनकी संख्या शीघ्र ही प्रतिदिन लाखों में पहुंचेगी।
सीईओ ने बताया कि 6 जनवरी को जारी मसौदा सूची में 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे थे, जिनकी मैपिंग (मिलान) वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हुआ है। इन्हें नोटिस भेजने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसके अलावा 2.22 करोड़ ऐसे मतदाता और मिले हैं, जिनके नाम का उनके पिता के नाम से मिलान न होने और आयु में अधिक या कम अंतर आदि कारणों से रिकॉर्ड में असंगति है। इन्हें भी नोटिस भेजा जाएगा। इस तरह से यूपी में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस मिलेगा। प्रदेश में नोटिस पर सुनवाई कुल 3793 स्थानों पर होगी। मतदाताओं को किस तिथि और समय पर आना है, यह भी निर्धारित किया जा रहा है। कुल 9154 ईआरओ और एईआरओ सुनवाई करेंगे।
साहिबाबाद (गाजियाबाद) विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा महिला मतदाता कम हुईं। यहां 27 अक्तूबर को 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची में प्रति हजार 1000 पुरुषों के पीछे 779 महिलाएं थीं, जो मसौदा सूची में घटकर 646 रह गईं। यानी, प्रति हजार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या में 133 की कमी आई है।