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फिर भारत-PAK तनाव खत्म करने का राग अलापने लगे ट्रंप; नॉर्वे को भी घेरा, कहा- नोबेल मुझे मिलना चाहिए था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर भारत-पाक तनाव खत्म कराने का श्रेय खुद को दिया और नोबेल शांति पुरस्कार पर नॉर्वे के नियंत्रण का दावा किया। वहीं, भारत ने पहले की तरह तीसरे पक्ष की भूमिका से इनकार किया है। इसके साथ ही ट्रंप ने नोबेल पर नॉर्वे को भी घेरा और कहा कि नोबेल उन्हें ही मिलना चाहिए।

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म कराने का श्रेय खुद को दिया है। इसके साथ ही उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि इस सम्मान पर नॉर्वे का नियंत्रण है और वह इसके असली हकदार हैं। ट्रंप के इन बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।

न्यूयॉर्क में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान समेत कई बड़े संघर्षों को रोककर दसियों लाख जानें बचाईं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह नोबेल पुरस्कार की परवाह नहीं करते, लेकिन शांति स्थापना के लिए किए गए उनके प्रयासों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने आठ युद्ध रुकवाए हैं और नौवां भी जल्द रोका जा सकता है।

भारत-पाक मुद्दे पर विवाद क्यों?
ट्रंप यह दावा पहले भी कर चुके हैं कि मई पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच “पूर्ण और तत्काल” युद्धविराम वॉशिंगटन की मध्यस्थता से हुआ। हालांकि भारत सरकार लगातार किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका से इनकार करती रही है। नई दिल्ली का रुख साफ है कि भारत-पाक मुद्दे द्विपक्षीय हैं और बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाता।

नोबेल पुरस्कार और नॉर्वे पर टिप्पणी

  • ट्रंप ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार पर नॉर्वे का नियंत्रण है।
  • उन्होंने दावा किया कि पुरस्कार समिति स्वतंत्र नहीं है।
  • ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए था।
  • उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को 2009 में मिले नोबेल पर भी सवाल उठाए।
  • ट्रंप के अनुसार, जीवन बचाना पुरस्कार से ज्यादा अहम है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और नई पहल
ट्रंप जल्द ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में विशेष संबोधन देने वाले हैं। यहां वह बोर्ड ऑफ पीस नाम की नई पहल का ऐलान करेंगे, जिसका उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति और पुनर्विकास बताया जा रहा है। इस मंच पर ट्रंप ने कई वैश्विक नेताओं को आमंत्रित किया है, जिनमें भारत के प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हैं।

नेताओं पर तंज और टैरिफ की धमकी
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के इस पहल से दूरी बनाने पर ट्रंप ने तीखा तंज कसते हुए फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी। उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता सहयोग नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आर्थिक कदम उठाए जा सकते हैं। ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को भी इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया है।

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