यादों की गूंज से समय ठहर गया,
मॉडल स्कूल 1975 बैच का 50 वर्षीय रीयूनियन पचास साल… समय की लंबी नदी। और फिर एक दिन, वही दोस्त, वही हँसी, वही आत्मीयता।


मॉडल स्कूल 1975 बैच के पूर्व छात्रों का 50 वर्षीय स्वर्णिम रीयूनियन 20 दिसंबर 2025 से भोपाल स्थित मयूरी रेस्टोरेंट में भव्य और भावनात्मक वातावरण में आयोजित हुआ। देश , विदेश के विभिन्न हिस्सों से आए मित्रों ने एक-दूसरे से मिलकर मानो समय को पीछे मोड़ दिया।
इस आयोजन की सबसे सुंदर और विशेष बात यह रही कि सभी पूर्व छात्रों की जीवनसंगिनियाँ भी पूरे कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। उन्होंने न केवल अपने-अपने जीवनसाथियों की पुरानी यादों को करीब से देखा, बल्कि उन पलों को महसूस किया जिनकी चर्चा वर्षों से घरों में होती रही थी। शरारतों, किस्सों और बचपन की बातों पर मुस्कानें बिखरीं और कई बार भावनाएँ भी छलक पड़ीं।
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मिलन से उत्सव तक
सुबह की शुरुआत आत्मीय मिलन समारोह से हुई। वर्षों बाद मिले मित्रों ने एक-दूसरे को गले लगाया, आवाज़ में वही पुरानी गर्मजोशी थी।
दोपहर में सभी प्रतिभागियों का औपचारिक परिचय वॉइस-ओवर के माध्यम से कराया गया, जो अत्यंत सुव्यवस्थित और भावपूर्ण रहा। इसके बाद शाम तक गीत, नृत्य और यादों का सिलसिला चलता रहा। इस आनंद में जीवनसंगिनियाँ भी पूरी तरह शामिल रहीं और कई ने मंच पर आकर गीत-प्रस्तुति में सहभागिता कर माहौल को और जीवंत बना दिया।
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संगीत, कला और साझा स्मृतियाँ
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कलाकार कमल जैन की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई दी।
नितिन नांदगांवकर के गीत “पुकारता हूँ, चला हूँ मैं” पर पूरा सभागार झूम उठा।
अजय श्रीवास्तव और नीलू की प्रस्तुति “ऐ मेरी जोहराज़बी” ने मानो दोस्तों के बीच सोई हुई पुरानी भावनाओं को फिर जगा दिया।
प्रसिद्ध डायबिटीज़ चिकित्सक डॉ. सचिन गुप्ता ने भी अपनी प्रस्तुति देकर इस शाम को यादगार बना दिया।
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प्रेरणादायक विचार और विशिष्ट उपस्थिति
इस समारोह में भोपाल और मध्य प्रदेश की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ भी मौजूद रहीं।
मध्य प्रदेश के पूर्व डीजीपी विवेक जौहरी ने अपने संबोधन में स्कूल जीवन से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि:
> “नेतृत्व जिम्मेदारी से जन्म लेता है।
जो जिम्मेदारी निभाना सीख लेता है, वही जीवन में अलग पहचान बनाता है।
यह पाठ मैंने अपने स्कूल और अपने दोस्तों से सीखा।”
उनके शब्दों ने पूरे आयोजन को एक गहरी वैचारिक दिशा दी।
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सामूहिक प्रयास, साझा आनंद
इस स्वर्णिम आयोजन को सफल बनाने में सत्य प्रकाश समिति, शेखर दुबे, अजय श्रीवास्तव, नीलू, नितिन नांदगांवकर, पंकज कुरुक्षेत्र, गोविंद चौरसिया, विजय हाथवाले, प्रवीण बरगले सहित सभी मित्रों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
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सिर्फ़ रीयूनियन नहीं, एक जीवन-उत्सव
यह कार्यक्रम केवल पुराने दोस्तों का मिलन नहीं था,
यह परिवारों के साथ साझा की गई यादों की विरासत थी।
जहाँ उम्र ने कदम थाम लिए
और दोस्ती फिर से जवान हो गई।
मॉडल स्कूल 1975 बैच का यह रीयूनियन भोपाल की स्मृतियों में
सदैव एक उजली, सजीव और भावनात्मक कहानी बनकर जीवित रहेगा।


