मध्य प्रदेश

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी में “एक पौधा माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

भोपाल। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और और मातृ-सम्मान को समर्पित “एक पौधा माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, में डीइसडब्ल्यू (डीन स्टूडेंट वेलफेयर), एनएसएस (नेशनल सर्विस स्कीम) एवं एसएसी (स्टूडेंट एक्टिविटी काउंसिल) के संयुक्त तत्वावधान में वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, फैकल्टी सदस्यों, छात्रों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों ने औषधीय एवं फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित किया। माननीय कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने आम का पौधा, कुलपति डॉ. विजय सिंह ने अमरूद का पौधा, कुलसचिव डॉ. सीतेश सिन्हा ने आंवला का पौधा, डीएसडब्ल्यू डॉ. विनोद शर्मा ने बेल का पौधा, एनएसएस प्रभारी डॉ. नितिन कुमार ढिमोले ने आम का पौधा, एचआर प्रमुख डॉ. बलराम यादव ने नीम का पौधा तथा डायरेक्टर एडमिशन डॉ. अनुराग कुलश्रेष्ठ ने जामुन का पौधा रोपित किया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा परिसर में लगभग 50 पौधे लगाए गए। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन एक प्रेरणादायक सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश लेकर सामने आया। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी ताकि वे भविष्य में घने छायादार वृक्ष बन सकें। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि ‘एक पौधा माँ के नाम’ पहल छात्रों को प्रकृति, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ते हुए उनमें करुणा, जिम्मेदारी और सतत विकास की समझ विकसित करती है। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलगुरू डॉ. विजय सिंह ने कहा कि स्किल – बेस्ड एजुकेशन तभी सार्थक होती है जब वह समाज और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी पैदा करे। इस तरह के अभियानों के ज़रिए हम छात्रों में टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ ह्यूमन वैल्यूज़ भी विकसित करते हैं। वहीं कुलसचिव डॉ. सीतेश सिन्हा ने इस पहल को विद्यार्थियों की सामाजिक चेतना से जोड़ते हुए कहा कि हर कौशल की जड़ सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी में होती है। इस अभियान के माध्यम से हम न केवल पर्यावरण संरक्षण की पहल कर रहे हैं, बल्कि माँ के प्रति श्रद्धा को भी एक सकारात्मक कार्य में परिवर्तित कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ऐसे मूल्यों से प्रेरित शिक्षा का केंद्र है।

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