अध्यात्ममध्य प्रदेश

युवा उन्नयन उपजोन स्तरीय कार्यशाला गायत्री शक्तिपीठ

भोपाल आज अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में संस्था के युवा जोड़ो अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 1 जून को स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ एमपी नगर भोपाल में एक दिवसीय युवा उन्नयन कार्यशाला का आयोजन किया गया। गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वय श्री आरके गुप्ता व्यवस्थापक श्री विजय गुप्ता एवं अन्य कार्यकर्ताओं की उपस्थिति से सजी यह कार्यशाला गायत्री परिवार के भोपाल उप जोन स्तर पर उसके अंतर्गत आने वाले 6 जिलों के चयनित कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर संपन्न हुई ।

इसका उद्देश्य बताते हुए गायत्री परिवार भोपाल जोन के उप जोन समन्वयक श्री आर पी हजारी जी ने कहा कि युवा ही इस देश का भविष्य है और गायत्री परिवार देश के युवाओं को जागृत और संगठित कर राष्ट्र की मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास सतत करता आ रहा है। उन्होंने गायत्री परिवार के उद्देश्य -धरती पर स्वर्ग और मनुष्य में देवत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि असुर संगठित रहते हैं किंतु देवताओं को भी अब संगठित होना पड़ेगा जिससे असुरता का डटकर मुकाबला किया जा सके। उन्होंने पूज्य आचार्य जी द्वारा बताए गए पांच महा अभियानों का उल्लेख अपने उद्बोधन में किया।

भोपाल ,हरदा ,नर्मदा पुरम, सीहोर ,विदिशा एवं रायसेन जिले के लगभग 240 युवा भाई बहनों के इस आयोजन में वैज्ञानिक अध्यात्मवाद पर शासकीय उच्चतर विद्यालय के भौतिक शास्त्र के प्रवक्ता श्री अजय शर्मा ने इन दोनों का तुलनात्मक स्वरूप प्रस्तुत किया । उन्होंने कहा कि विज्ञान तकनीक के माध्यम से भौतिक जीवन जीने की कला सिखाता है वही आध्यात्म जीवन के आंतरिक उल्लास को प्राप्त करने का मार्ग बताता है। आध्यात्मिक अध्ययन की नहीं अनुभूति करने की विधा है।
संस्था की उत्तरोत्तर प्रगति एवं विस्तार की जानकारी देते हुए युवा प्रकोष्ठ के सक्रिय एवं ऊर्जावान कार्यकर्ता श्री अनमोल पाठक में बताया की गायत्री परिवार अपने आरंभ के दिनों से आज 70 वर्षों के उपरांत भारत के विभिन्न महानगरों से गांव से विकसित होता हुआ सात समंदर पार की सीमाओं से भी बाहर विदेशों में अपनी पहचान बना रहा है । इस गायत्री परिवार को भारत सरकार द्वारा भी विभिन्न अभियानों के लिए मान्यता दी गई है एवं व्यसन मुक्ति के क्षेत्र में कार्य करने हेतु गायत्री परिवार एवं भारत सरकार का एक समझौता भी संपन्न हुआ है।

इसी क्रम में युवा प्रशिक्षार्थियों को व्यक्तित्व परिष्कार एवं जीवन प्रबंधन विषय पर बिंदुवार उद्बोधन देते हुए गायत्री परिवार के कार्यकर्ता श्री सदानंद आंबेकर ने कहा कि जीवन में अव्यवस्था अनियमितता अनियंत्रण की स्थिति को समाप्त कर सही दिशा देना ही जीवन प्रबंधन है। युवाओं के जीवन में तनाव, अवसाद आदर्श का अभाव एवं शारीरिक मानसिक शक्ति की कमी जैसी तकलीफें हैं जिन्हें हटाने के लिए और अपने व्यक्तित्व तथा अपनी पात्रता का विकास करने के लिए उपासना साधना आराधना का अवलंबन लेना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि साधना का अर्थ जीवन को तपाना, मांजना है। यह जीवन भर चलने वाली सतत प्रक्रिया है।
वर्तमान में युवाओं के मध्य जाकर संदेश देने का कार्य बहुत चुनौती भरा हो गया है क्योंकि वर्तमान युवा पारंपरिक ढंग से कही गई बात कम समझता है अतः युवाओं के बीच जाकर किस प्रकार से प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी जाए जिससे वह संदेश उन युवाओं के मन मस्तिष्क तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। इस विषय पर युवक प्रकोष्ठ के युवा, सक्रिय एवं ऊर्जावान कार्यकर्ता इंजीनियर राहुल श्रीवास्तव ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से छह स्वर्णिम सूत्र बताएं उन्होंने कहा कि इन स्वर्णिम सूत्रों के अभ्यास से आप भी अपने बात को युवाओं के मध्य बहुत ही प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं । उन्होंने वर्तमान चलन के हिसाब से युवाओं के बीच जाकर युवाओं से संवाद किया जिसे सभी ने बहुत पसंद किया।
आगे के क्रम में जागृत युवाओं को संगठित कर सुपर 100 टीम गठन की अवधारणा को गायत्री परिवार के युवा कार्यकर्ता एवं जिला समन्वयक डॉ दयानंद समेले जी ने बताया कि जो साधक है, जो धैर्यवान है, जो शक्तिवान है,जो ज्ञानवान है वह हमारे सुपर (100)हंड्रेड टीम का सदस्य बनने का पात्र है। इस कलयुग में संघ की शक्ति को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कहा कि सुपर हंड्रेड टीम का लक्ष्य युग निर्माण योजना के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है. युवाओं के मध्य जाकर मिशन की बात लोगों तक पहुंचाना है।

सत्र के उत्तरार्ध में गायत्री परिवार तकनीकी के माध्यम से क्या कार्य कर रहा है एवं हम भी अपने प्रयासों को वर्तमान में चल रहे विभिन्न तकनीकी आधारों से कैसे जन-जन तक पहुंचा सकते हैं कैसे युवाओं की इस सामयिक पसंद के अनुरूप अपने कार्यक्रम संचालित कर सकते हैं इसकी जानकारी गायत्री परिवार की युवा कार्यकर्ता डॉक्टर उर्वशी सोनी ने प्रेजेंटेशन के द्वारा समझाइए। इसी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैट जीपीटी आदि क्रांतिकारी माध्यम को हम अपनी गतिविधियों में किस तरह से उपयोग कर सकते हैं इसका भी प्रस्तुतीकरण उन्होंने किया।
तत्पश्चात गायत्री परिवार के संस्थापक गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के साहित्य की जानकारी भी कार्यक्रम के संचालक श्री राजूराम बिश्नोई ने दी ।

इन गतिविधियों के उपरांत सभी आए हुए प्रशिक्षार्थियों का एक एग्जिट टेस्ट भी ऑनलाइन लिया गया एवं इसके पश्चात उनकी अनुभूतियां एवं उनके जिले की प्रस्तुतियां भी सबके समक्ष करवाई गई। कार्यक्रम में संगीत सौरभ गुप्ता विदिशा की टीम दिया।
कार्यक्रम के समापन के क्रम में प्रांतीय युवा समन्वयक श्री अमर धाकड़ ने सभी युवाओं को संकल्प दिलाया एवं आगे आने वाले दो माह के समय में अपनी प्रगति का विवरण देने हेतु भी प्रेरित किया।
इस संपूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्था हेतु संगठन, शक्तिपीठ प्रशासन, एवं युवा प्रकोष्ठ की पूरी टीम तथा आमंत्रित अतिथियों, युवा कार्यकर्ताओं आदि का आभार गायत्री परिवार भोपाल के प्रचार प्रसार सेवक श्री रमेश नागर जी ने व्यक्त किया।साथ में युवा शक्ति को नशा न करने की शपथ दिलाई।
इस पूरे आयोजन के तकनीकी एवं व्यवस्थापरक कार्यों में युवा प्रकोष्ठ के सभी कार्यक्रम का संचालन पंकज बडौदे एवं राजू राम ने किया। सुवास्थि व्यवस्था योगेश, शिवदयाल ,कौशल,कार्तिक,अश्विन,आयुष एवं युवा टीम ने दिन रात मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
इसके उपरांत शांति पाठ के साथ इस एकदिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ।

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