देवी भक्तिगीत और गरबा में 60 से 75 वर्ष तक की महिलाओं ने लिया भाग
महिलाओं के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने का बच्चों के संस्कार पर भी पड़ता है असर - संध्या शर्मा


भोपाल। श्री बजरंग मंदिर पंपापुर हर्षवर्धन नगर में गुरूवार को गरबे का आयोजन किया गया है मंदिर प्रांगण में यह आयोजन किया गया, जिसमें महिलाएं विगत 15 दिनों तैयारी कर रही है अन्य महिलाओं के साथ मुख्य रूप से बुजुर्ग महिलाएं जिनकी उम्र 60 वर्ष से 75 वर्ष तक की महिलाएं भी देवी की आराधना की. गरबा नृत्य में भाग लेते हुए मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया. ऐसा पहला दृश्य था जब इतनी उम्र की महिलाएं माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भाग लेंगी। श्रद्धालु संध्या शर्मा ने बताया कि यहां पर मातारानी की प्रतिमा 90 वर्षों से स्थापित हैं। पांच वर्षों से लगातार गरबा का आयोजन किया जा रहा है और सभी आयु की बहनें और माताएं हिस्सा लेती हैं। नवरात्रि के आखिरी दिन 101 कन्याओं को भोजन कराया जाएगा और प्रसादी का वितरण किया जाएगा। संध्या शर्मा ने कहा कि मैं प्रेमानंद और अन्य संतों के प्रवचन सुनती हूं उनका कहना है कि माता पिता के धार्मिक कार्यक्रमों का उनकी संतानों के संस्कार पर असर होता है। आचार्य पंडित लोकेश शर्मा द्वारा बताया गया कि इस मंदिर को 91 वर्ष पूर्ण हो गए जो की नवाबी काल से बना हुआ है हर्षवर्धन नगर की महिलाएं एवं आसपास की सभी महिलाओं ने भाग लिया। इस गरबा नृत्य में निशुल्क गरबे का आयोजन किया गया जिसमें अच्छा नृत्य करने वालों को एवं बुजुर्ग महिलाएं जिनकी उम्र 60 वर्ष से 75 वर्ष थी पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देवकी पुजारी सहित कई महिलाएं शामिल हुईं।




