गांधीनगर में टाइफाइड के मामलों में तेज बढ़ोतरी से 100 से अधिक लोग सिविल अस्पताल में भर्ती हुए हैं। दूषित पानी को इसका संभावित कारण माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने अस्पताल का दौरा किया, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालात की समीक्षा की।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की विशेष टीम बनाई गई है। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें डिप्टी कलेक्टर भी शामिल हैं, को मौके पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी तरह की लापरवाही न हो।
पानी की जांच में सामने आई गंभीर बात
सिविल अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मीता पारिख ने बताया कि सेक्टर-24, 25, 26, 28 और आदिवाड़ा इलाके से मरीज सामने आए हैं। इन क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में पीने का पानी सुरक्षित नहीं पाया गया। आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी के कारण टाइफाइड फैला है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घर-घर सर्वे और एहतियात के निर्देश
गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। लोगों को उबला हुआ पानी पीने और घर का बना ताजा भोजन खाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही पानी की टंकियों की सफाई के लिए क्लोरीन टैबलेट भी बांटी जा रही हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति को काबू में लाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।


