फाल्गुन शुक्ल पक्ष 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण होने के कारण धुडेली, रंग गुलाल एवं होली खेलना बुधवार 4 मार्च को ही, होना चाहिए।
होलिका दहन सोमवार 2 मार्च 2026 पूर्णिमा सहित एवं भद्रा रहित रात्रि 1:30 से रात्रि 2:35 तक श्रेष्ठ है।
एवं रात्रि 8:30 बजे ,भी,होलिका दहन कर सकते हैं।
ग्रहण सूतक काल एवं ग्रहण काल में भगवत चिंतन भजन हवन मंत्र जाप एवं रामनाम संकीर्तन परम आवश्यक है।
क्योंकि ज्योतिष शास्त्र एवं धर्मशास्त्र के अनुसार ग्रहणकाल का समय, यानी अधिक ग्रहण का होना अशुभ ही होता है। 17 फरवरी को भी विदेशो, में सूर्य ग्रहण था।
ज्योतिष शास्त्र अनुसार,
यदैकमासे, ग्रहणँ,जायते,
शशिसूर्ययोः।
शत्रुकोपःक्षय,यान्ति,तदा,भयँ,
परस्परम्।।
एवं वैसे भी यह जो 3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण हमारे यहां ग्रस्तोदित,हो,रहा,है।
ग्रस्तोदितौ,च, ग्रस्तस्तौ, धान्य भूपालनाशकौ।
सर्वग्रस्तौ, चंद्रसूर्यौ, दुर्भिक्ष,मरणप्रदौ।।
वस्तुतःशास्त्र ,सम्मत,एवँ समयानुसार, ग्रहण काल को देखते हुए, धुडेली बुधवार 4 तारीख को ही, सभी को मनाना चाहिए।
पंडित गंगा प्रसाद आचार्य
धर्माधिकारी, अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ शाखा मध्य प्रदेश। जय श्रीमन्नारायण ।


