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कालाष्टमी आज: रात में इन छोटे उपाय से दूर हो सकती है नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष

कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव की असीम शक्ति और सुरक्षा पाने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। समय के देवता और संकटों का नाश करने वाले काल भैरव की साधना से बड़े से बड़े नजर दोष और नकारात्मक शक्तियां थर-थर कांपती हैं।

आज 11 मार्च को कालाष्टमी आपके जीवन के अंधेरों को मिटाकर खुशियों का सवेरा ला सकती है। अगर आप लंबे समय से मानसिक तनाव या किसी अनजानी बाधा से घिरे हुए हैं, तो यह दिन इसे जड़ से मिटाने का सुनहरा मौका माना गया है।

काल भैरव की कृपा

शास्त्रों में काल भैरव को काशी का कोतवाल और संकटों को हरने वाला देवता कहा गया है। कालाष्टमी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष से मुक्ति पाने के लिए अनुकूल मानी गई है।

शाम के समय करेंगे उपाय

मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन शाम या रात के समय काल भैरव के मंदिर जाकर उनके चरणों से थोड़ा सिंदूर लेकर एक काले धागे पर लगाएं। इस धागे को भैरव मंत्र ओम ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं का जाप करते हुए अपने दाएं हाथ की कलाई या गले में धारण करें। इसे सुरक्षा कवच के रूप में माना जाता है।

नजर दोष के उपाय

इसी तरह शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का एक चौमुखी दीपक जलाएं। दीपक की लौ से थोड़ा काजल बना लें और इस काजल का टीका घर के बच्चों और अन्य सदस्यों के कान के पीछे लगाएं। भैरव जी के सामने जलाए गए दीपक का काजल नजर दोष दूर करने वाला माना गया है।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी के दिन लोहे की चीजें जैसे कढ़ाई या बर्तन दान करना भी शुभ माना गया है। इसके अलावा तंदूर की मीठी रोटी काले कुत्ते को खिलाने की भी परंपरा बताई गई है। साथ ही इस दिन ओम काल भैरवाय नम: मंत्र का 108 बार जाप करने की भी मान्यता है। जाप के समय अपने सामने एक दीपक जलाकर भैरव बाबा से सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है

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