खबरमध्य प्रदेश

भावी पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना ही देश की सच्ची सेवा: लायन अरुण कुमार सोनी

स्वर्णकार कॉलोनी प्रज्ञा पीठ में प्रमाण पत्र और युग साहित्य पाकर खिले बच्चों के चेहरे

​विदिशा, 25 मई 2026:गायत्री प्रज्ञा पीठ स्वर्णकार कॉलोनी में बीते 16 मई से निरंतर संचालित हो रहे 10 दिवसीय बाल संस्कार शाला सत्र “गुरुकुलम” का आज भव्य एवं गरिमामयी समापन हुआ। इस विशेष शिविर में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों की व्यावहारिक शिक्षा दी गई।

​दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि लायन श्री अरुण कुमार सोनी (पूर्व लायंस अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा), गायत्री प्रज्ञा पीठ के प्रमुख ट्रस्टी श्री मुकेश श्रीवास्तव एवं उपस्थित अन्य वरिष्ठ ट्रस्टियों द्वारा माँ गायत्री, पूज्य गुरुवर और वंदनीय माताजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों का मंगल तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम का सफल, जीवंत और सुंदर संचालन युवा प्रकोष्ठ के संयोजक श्री सौरभ गुप्ता द्वारा किया गया।

​बच्चों की मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुतियाँ

​समापन के अवसर पर संस्कार शाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने शिविर में सीखे गए वैदिक मंत्रों का अत्यंत सुरीला और सस्वर सामूहिक उच्चारण कर संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके साथ ही बच्चों ने राममय भजनों की प्रस्तुति के साथ ढपली वादन कर उपस्थित सभी जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

​अतिथियों ने साझा किए विचार,
बच्चों को मिला मार्गनिर्देशन

​मुख्य अतिथि लायन श्री अरुण कुमार सोनी ने बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें अपनी समृद्ध संस्कृति और जीवन में संस्कारों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने अपने प्रेरक अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ही भावी पीढ़ी के निर्माण की नींव हैं। श्री सोनी ने इस सफल और सुंदर आयोजन के लिए प्रमुख ट्रस्टी भाई मुकेश श्रीवास्तव एवं समस्त गायत्री परिवार की मुक्तकंठ से सराहना की।

​युवा इतिहासविद शुभम वर्मा ने बच्चों को विदिशा की गौरवशाली संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और प्राचीन पौराणिक स्थानों के विषय में अत्यंत ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान की।​ प्रमुख ट्रस्टी श्री मुकेश श्रीवास्तव ने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपना स्नेहिल शुभाशीष प्रदान किया। ​इस अवसर पर मंचासीन अतिथि पूर्व शक्तिपीठ प्रमुख ट्रस्टी श्री राम कटियार, ट्रस्टी संतोष भदोरिया, ट्रस्टी प्रकाश सोनकर, युवा साथी प्रखर श्रीवास्तव, ट्रस्टी अंबिका कुमार एवं ट्रस्टी सुमन श्रीवास्तव आदि ने भी अपने विचार व्यक्त कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
​साहित्य एवं प्रमाण पत्र वितरण
​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ जनों द्वारा शिविर में सहभागिता करने वाले सभी बच्चों को उनकी हौसला-अफ़ज़ाई के लिए प्रमाण पत्र, गायत्री चालीसा एवं युग साहित्य भेंट कर पुरस्कृत किया गया।

​अब हर रविवार को लगेगी संस्कार शाला

​कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. लोकेश्वरी नेमा(श्रद्धा) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि, “यह संस्कार शाला का स्थायी समापन नहीं है। बच्चों में संस्कारों की निरंतरता बनी रहे, इसके लिए अब यह शाला प्रत्येक रविवार को प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक नियमित रूप से संचालित की जाएगी।”​अंत में डॉ. नेमा द्वारा कार्यक्रम में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी गायत्री परिजनों, अतिथियों और पालकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सामूहिक ‘शांति पाठ’ मंत्र के उच्चारण के साथ इस गरिमामयी और भव्य कार्यक्रम का समापन हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button