मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पल्स पोलियो अभियान एवं ‘सुमन पंचायत’ का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 जून को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की जनस्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान एवं जनभागीदारी आधारित अभिनव पहल “सुमन पंचायत” का शुभारंभ करेंगे। साथ ही वे स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एचपीवी टीकाकरण अभियान एवं स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में “स्वस्थ मध्यप्रदेश , समृद्ध मध्यप्रदेश” के संकल्प को साकार करने की दिशा में सतत एवं सशक्त प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जनभागीदारी, जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाकर एक स्वस्थ मध्यप्रदेश का निर्माण करना है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान : 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 से 30 जून तक शून्य से 5 वर्ष तक आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए लगभग 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स एवं 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। 29 एवं 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 3800 ट्रांजिट बूथ तथा प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 1400 विशेष मोबाइल टीम भी कार्य करेंगी।

 ‘सुमन पंचायत’ से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगा बल

“सुमन पंचायत” (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। ऐसी पंचायतें जिनमें एक वर्ष तक मातृ मृत्यु पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे, उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करेगी।

एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण की दिशा में प्रभावी पहल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण करेंगे। एंटीबायोटिक दवाओं के अनुचित उपयोग से उत्पन्न बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। भारत सरकार के राष्ट्रीय एक्शन प्लान के अनुरूप तैयार इस राज्य कार्य योजना में जन जागरूकता, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला क्षमता सुदृढ़ीकरण, एंटीबायोटिक उपयोग का विवेकपूर्ण प्रबंधन, अनुसंधान तथा “वन हेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित बहु-विभागीय समन्वय को प्रमुखता दी गई है।

7 लाख 64 हज़ार किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण एवं 1 करोड़ 49 लाख से अधिक की स्वस्थ यकृत मिशन में की गई स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एचपीवी टीकाकरण अभियान तथा स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को सम्मानित करेंगे। एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 8.03 लाख पात्र किशोरियों को लक्षित किया गया, जिनमें से 7.64 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण कर राज्य ने लगभग 96 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है और देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है। स्वस्थ यकृत मिशन में जून 2025 से मार्च 2026 तक प्रदेश में 149.26 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मिशन के तहत नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज सहित यकृत रोगों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति व्यापक जन जागरूकता भी विकसित की जा रही है।

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