सरस्वती शिशु मंदिर (अंदर किला) में पर्यावरण पखवाड़े के अंतर्गत पौधरोपण कर उत्साहपूर्वक मनाई गई हरियाली अमावस्या
पर्यावरण संरक्षण के लिए रोपे गए औषधीय एवं छायादार पौधे; समाज को हरा-भरा बनाने का लिया गया संकल्प

विदिशा। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर, अंदर किला परिसर में पूर्व छात्रों एवं विद्यालय परिवार के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे ‘पर्यावरण पखवाड़े’ के अंतर्गत हरियाली अमावस्या का पावन पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से बिल्वपत्र, मीठा नीम, पारिजात सहित कई औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम मैं आमंत्रित अतिथि लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी लायन अरुण कुमार सोनी ने अपने संदेश में कहा, “हरियाली अमावस्या के इस पावन पर्व पर हमें कम से कम एक पौधा लगाकर प्रकृति को हरा-भरा बनाने का संकल्प अवश्य लेना चाहिए। जिस प्रकार एक छोटा सा बीज वटवृक्ष बनकर सबको छाया प्रदान करता है, ठीक उसी प्रकार हमारी मेहनत और लगन समाज को नई दिशा देती है।” उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय की मिट्टी से जुड़े पूर्व छात्र समाज के लिए सदैव प्रेरणा और प्रगति का आधार रहे हैं। अपनी जड़ों को याद रखते हुए आज रोपा गया एक-एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित कल का निर्माण करेगा।
संस्था प्रमुख दिनेश शर्मा ने कहा कि पेड़-पौधे हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा हैं जो संपूर्ण मानव जाति के जीवन के लिए आवश्यक हैं। पौधे ही बड़े होकर वृक्ष का रूप लेते हैं और पृथ्वी के वातावरण को अनुकूल बनाते हैं, इसलिए केवल पौधरोपण ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण करना भी हम सभी का परम कर्तव्य है।
कार्यक्रम में पूर्व छात्र सिद्धार्थ खत्री ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हरे-भरे वृक्षों की रक्षा हमें ठीक उसी प्रकार करनी चाहिए जैसे हम अपनी किसी कीमती वस्तु की सुरक्षा करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्य, दीदी, पूर्व छात्र एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की शपथ और अधिक से अधिक पौधे लगाने के संकल्प के साथ हुआ।





