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पांच करोड़ का कर्ज, छह महीने की जेल और अब आत्मसमर्पण; क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस केस? यहां समझिए

चर्चित कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव ने आज गुरुवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया है। मामला वर्षों पुराने चेक बाउंस केस से जुड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। यहां पढ़िए इसकी शुरुआत कैसे हुई?

 

फिल्मों में अपने कॉमिक अंदाज से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देने वाले अभिनेता राजपाल यादव कानूनी पचड़े में फंसे हैं। यूं तो मामला वर्षों पुराना है, मगर अब दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उन्होंने आज गुरुवार को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। इस मामले के तार राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े हैं। इसके जरिए एक्टर ने बतौर निर्देशक बोहनी की। मगर, देखते ही देखते कुछ ऐसा हुआ कि बात तिहाड़ जाने तक पहुंच गई। जानिए

क्या है पूरा मामला, कैसे हुई शुरुआत?
एक लाइन में मामला सिर्फ इतना है कि राजपाल यादव बतौर निर्देशक पहली फिल्म बनाते हैं। फिल्म बनाने के लिए करोड़ों का कर्जा लेते हैं। कर्जा लौटा नहीं पाते तो जिस कंपनी से कर्जा लिया वह उनके खिलाफ केस कर देती है। एक्टर कुछ चेक कंपनी को देते हैं और वे सभी बाउंस हो जाते हैं। अब इसे जरा विस्तार से समझते हैं। साल 2010 की बात है, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से पांच करोड़ रुपये की राशि लोन के रूप में ली थी।

औंधे मुंह गिरी फिल्म, राजपाल यादव को हुआ घाटा
फिल्म ‘अता पता लापता’ बॉक्स ऑफिस पर चली नहीं। कथित तौर पर राजपाल यादव को आर्थिक नुकसान हुआ। कर्ज के रूप में ली गई कंपनी की धनराशि वे लौटा नहीं पाए। इसके बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया। कंपनी ने राजपाल यादव के खिलाफ केस किया और साथ ही यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने लोन वापस करने के लिए जो कुछ चेक जारी किए थे वे सभी बाउंस हो गए। एक्टर के खिलाफ चेक बाउंस का केस दर्ज किया गया। ये चेक फिल्म प्रोडक्शन के लिए दिए गए थे, लेकिन पैसे नहीं मिले।

Rajpal Yadav cheque bounce case Explainer: Actor surrenders Tihar jail Delhi High Court Ata Pata Laapata Loan
राजपाल यादव – फोटो : इंस्टाग्राम

राजपाल यादव ने बार-बार तोड़ा कोर्ट का भरोसा
चेक बाउंस मामले में निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पहले हाईकोर्ट ने अभिनेता की सजा को कुछ समय के लिए रोक दिया था, लेकिन शर्त रखी थी कि वे कंपनी को पैसे चुकाएंगे। कोर्ट में कई बार वादा किया गया, लेकिन राजपाल यादव ने बार-बार पैसे नहीं चुकाए। कोर्ट ने कहा कि उनका व्यवहार बहुत गलत है और वे कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं।

हाईकोर्ट ने अपनाया सख्य रवैया
कोर्ट में कई बार समझौता हुआ, बार-बार राजपाल यादव ने पैसे देने का वादा किया। मगर, उन्होंने समय पर पैसे नहीं दिए। कोर्ट ने उन्हें कई मौके दिए, लेकिन हर बार वादा तोड़ा गया। 02 फरवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अब और राहत नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट ने 02 फरवरी 2026 को राजपाल यादव को आदेश दिया था कि वे बुधवार 04 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर दें। साथ ही एक्टर की इस बात को लेकर आलोचना भी हुई कि उन्होंने बार-बार कोर्ट का भरोसा तोड़ा है। आश्वासन देने के बावजूद पैसों का भुगतान नहीं किया।

 

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राजपाल यादव – फोटो : अमर उजाला

अभिनेता ने मांगी थी और मोहलत, मगर कोर्ट ने दिखाई सख्ती
हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद राजपाल यादव ने 04 फरवरी को सरेंडर नहीं किया। साथ ही इस मामले में और मोहलत मांगी, मगर कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट की सख्ती और कोई मोहलत न मिलने के बाद आखिर राजपाल यादव ने आज गुरुवार को तिहाड़ में आत्मसमर्पण कर दिया है।

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