

शादी, त्योहार और इन्वेस्टमेंट की मांग की वजह से घरेलू मांग लगातार ज्यादा रहने के कारण भारत हर साल सोना इंपोर्ट करने पर अरबों डॉलर खर्च करता है. अकेले 2024-25 में सोने का इंपोर्ट 4.89 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का अनुमान है. लेकिन सवाल यह उठता है कि भारत अपना ज्यादातर सोना कौन से देश से खरीदता है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
कौन सा देश सबसे बड़ा सप्लायर
स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा सोने का सप्लायर बना हुआ है. यह कुल इंपोर्ट का लगभग 41% हिस्सा देता है. 2024-25 में भारत ने स्विट्जरलैंड से लगभग 19.6 बिलियन डॉलर का सोना खरीदा. स्विट्जरलैंड दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड रिफायनिंग हब है जो 99.9% प्योरिटी तक सोना रिफाइन करने के लिए जाना जाता है. देश का मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और सख्त क्वालिटी स्टैंडर्ड इसे भारतीय इंपॉर्टेंस के लिए पसंदीदा सोर्स बनाते हैं.
यूनाइटेड अरब अमीरात दूसरे नंबर पर
यूनाइटेड अरब अमीरात दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर है. इसका इंपोर्ट लगभग 16.01 बिलियन डॉलर का है. भारत और यूनाइटेड अरब अमीरात के बीच सीईपीए ट्रेड एग्रीमेंट के तहत भारतीय इंपोर्टर्स को एक प्रतिशत ड्यूटी में छूट मिलती है. इससे दुबई से गोल्ड इंपोर्ट काफी फायदेमंद होता है.
साउथ अफ्रीका तीसरे स्थान पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक साउथ अफ्रीका ने 2024-25 के दौरान भारत को लगभग 6.35 बिलियन डॉलर का गोल्ड सप्लाई किया. यह देश लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड प्रोड्यूसर्स में से एक रहा है. इन सबके अलावा पेरू से लगभग 4.21 बिलियन डॉलर और ऑस्ट्रेलिया से लगभग 2.99 बिलियन डॉलर का गोल्ड सप्लाई किया जाता है.
भारत गोल्ड इंपोर्ट पर कितना खर्च करता है
2024-25 के लिए भारत का कुल गोल्ड इंपोर्ट बिल लगभग 4.89 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है. यह पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है. पिछले साल यह लगभग 45.5 बिलियन डॉलर था.
आपको बता दें कि अक्टूबर 2025 में ही त्योहारों के मौसम के दौरान भारत ने सिर्फ एक महीने में 14.72 बिलियन डॉलर का गोल्ड इंपोर्ट किया था. यह पिछले साल की तुलना में लगभग 200% ज्यादा था.
इकोनॉमी पर असर
गोल्ड इंपोर्ट का भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट पर सीधा असर पड़ता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे कुल इंपोर्ट बिल बढ़ता है. बढ़ते इंपोर्ट को मैनेज करने और स्मगलिंग पर रोक लगाने के लिए सरकार ने जुलाई 2024 के बजट में गोल्ड पर लागू कस्टम ड्यूटी को 15% से घटकर 6% कर दी थी.



