खबर

साहिल हिट रन केस: कार के अंदर से शूट किया वीडियो आया सामने, बहन बना रही थी रील; भाई भगा रहा था

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि साहिल की मौत बहुत जोरदार हादसे में लगी गंभीर क्रेनियो-सेरेब्रल चोटों के कारण हुए हेमरेजिक झटके से हुई। पुलिस ने द्वारका दक्षिण थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

सोशल मीडिया पर ‘फन रील’ बनाने के लिए कथित लापरवाही भरे स्टंट ने न केवल मेरे 23 वर्षीय बेटे की जान ली, बल्कि उससे जुड़े मेरे सारे सपने भी छीन लिए। द्वारका सड़क हादसे में जान गंवाने वाले साहिल की मां इन्ना मकान ने यह बात भावुक स्वर में कही।

शॉर्टकट में नहीं, मेरा बेटा मेहनत में करता था विश्वास
अपने बेटे के कमरे में उसकी तस्वीरों और मेडल्स के बीच खड़ी मकान ने दीवार पर लिखे प्रेरक वाक्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मेरा बेटा शॉर्टकट में नहीं, मेहनत में विश्वास करता था। उन्होंने कहा कि किसी और की ‘फन रील’ ने उनके इकलौते बेटे की जिंदगी छीन ली। साहिल बीबीए अंतिम सेमेस्टर का छात्र था और तीन फरवरी को दफ्तर जा रहा था, तभी एक एसयूवी (स्कॉर्पियो एन), जिसे कथित तौर पर 17 वर्षीय किशोर चला रहा था और उसकी बहन बगल में बैठी थी, ने उसकी मोटरसाइकिल को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। एसयूवी ने बाद में एक खड़ी कैब को भी टक्कर मारी, जिससे उसका चालक घायल हो गया।

पुलिस के अनुसार, दुर्घटना तीन फरवरी को सुबह 11.57 बजे लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुई। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), 106(1) (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) और 125(ए) (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

विदेश जाने की तैयारी कर रहा था साहिल
मां ने बताया कि उनके बेटे का कार्यालय हादसे वाली जगह से महज दो मिनट की दूरी पर था और वह कुछ महीनों में विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। उन्होंने कहा कि साहिल नैनीताल के सेंट जोसेफ कॉलेज का छात्र रहा था और खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करता था।

ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था
पुलिस ने बताया कि नाबालिग चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। उसे पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से 10 फरवरी को अंतरिम जमानत दे दी गई, क्योंकि वह कक्षा 10 का छात्र है और परीक्षाएं दे रहा है।

जांच की जा रही है कौन रील बना रहा था
द्वारका के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने कहा कि बोर्ड के आदेश पर उसे अवलोकन गृह भेजा गया था और कानूनी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जांच की जा रही है कि हादसे के समय आरोपी या उसकी बहन रील बना रहे थे या नहीं। मां ने आरोप लगाया कि आरोपी के पिता ट्रांसपोर्टर हैं और संबंधित एसयूवी के खिलाफ कई चालान लंबित हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ हादसा नहीं, आपराधिक कृत्य है। मैं अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ूंगी। मां का दर्द भरा वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त रूप से वायरल हो रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button