अध्यात्मखबर

दुनिया में अशांति फैली है, भारत खिलखिला रहा, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले- ट्रंप भरोसेमंद नहीं

प्रख्यात कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले सहित किसी भी संतों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य और अन्य महापुरुषों पर टिप्पणी नहीं की जाती। गो, गंगा और सनातन की रक्षा करना पुण्य संकल्प है। शास्त्री ने शुक्रवार को काशी में मीडिया से बातचीत में कहा कि विश्व में अशांति फैली हुई है, जबकि भारत खिलखिला रहा है।उन्होंने कहा कि युद्ध से विनाश होगा और शांति के रास्ते से ही विकास संभव है। यदि शांति का रास्ता भारत की सनातन संस्कृति से आएगा, तो वह विश्व में संतुलन और शांति कायम कर सकती है। उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद नाव से घाटों की अलौकिक छटा निहारी। अस्सी स्थित मछली बंदर मठ पहुंचकर पीठाधीश्वर स्वामी विमल देव से आशीर्वाद लिया। मठ परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही

मछली बंदर मठ पहुंचने पर साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। हर-हर महादेव, जय श्रीराम और जय हनुमान के जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया गया। उन्होंने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया। मठ में कुछ समय प्रवास के दौरान उन्होंने पीठाधीश्वर से आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की और मठ में भोजन ग्रहण किया। इस दौरान उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं ने उनके साथ सेल्फी ली और आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसके बाद वह अस्सी घाट पहुंचे, जहां गंगा तट पर कुछ समय बिताया और अपने अनुयायियों से वार्ता की। घाट पर भी उनके दर्शन के लिए लोगों की भीड़ रही। भक्तों ने जयघोष करते हुए उनका स्वागत किया। इसके बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अस्सी घाट से अनुयायियों के साथ काशी श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। उन्होंने अपनी मां के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। इसके बाद वह एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। हालांकि, एयरपोर्ट से शहर में लौटकर लहुराबीर स्थित अपने एक शिष्य से मिले और आशीर्वाद दिया।


ट्रंप भरोसेमंद नहीं, दुनिया में शांति नहीं आएगी
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ट्रंप भरोसेमंद नहीं हैं। वह शाम को कुछ और और सुबह कुछ और बोलते हैं, ऐसे व्यक्ति पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके टैरिफ वार से यह स्पष्ट होता है कि उनका उद्देश्य दुनिया में अशांति फैलाना है।

यूजीसी पर प्रतिक्रिया
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यूजीसी की नीतियों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारत एकता और अखंडता का देश है, इसलिए इस तरह की नीतियां बनाना ठीक नहीं है। यूजीसी के माध्यम से समाज में दीवार नहीं खड़ी करनी चाहिए। देश को एकता के सूत्र में पिरोने की आवश्यकता है।

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