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अमेरिका फिर शुरू कर देगा ईरान पर हमला’, ट्रंप ने दी तेहरान को बड़ी धमकी, 14-पाइंट वाले नए प्रस्ताव पर कर रहे विचार

वॉशिंगटन: अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ताजा धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर तेहरान ने कोई बदसलूकी की तो अमेरिका फिर से सैन्य हमला शुरू कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह ईरान की ओर से पेश किए ताजा प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर संदेह जताया कि तेहरान का प्रस्ताव को युद्ध को समाप्त करने के लिए काफी होगा।

ईरान के प्रस्ताव पर विचार

ईरान की तरफ से पेश प्रस्ताव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे इस समझौते की रूपरेखा के बारे में बताया गया है। अभी वे मुझे इसका सटीक मसौदा सौंपने वाले हैं।” कुछ देर बाद ही अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि इस प्रस्ताव पर अमेरिका का सहमत होना मुश्किल है। इसके साथ ही उन्होंने तेहरान को धमकी भी दी कि उसने अभी तक अपने अपराधों के लिए पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है।

मैं जल्द ही उस योजना की समीक्षा करूंगा, जो ईरान ने अभी-अभी हमें भेजी है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी, क्योंकि पिछले 47 वर्षों में मानवना और दुनिया के साथ उन्होंने जो किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

ईरान का 14 सूत्रीय प्रस्ताव क्या है?

  • ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रस्ताव का मकसद सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करना है।
  • यह योजना अस्थायी युद्धविराम को खारिज करती है। इसके बजाय 30 दिनों के भीतर एक स्थायी समाधान पर जोर दिया गया है।
  • प्रस्ताव में सुरक्षा गारंटी की मांग शामिल है, ताकि भविष्य में ईरान पर कोई हमला न हो।
  • प्रस्ताव में इलाके से अमेरिकी सेना की वापसी और नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की बात कही गई है।
  • इसमें ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों और सैन्य दबाव से जुड़े मुआवजे की मांग है।
  • इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नई शासन व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है।

अमेरिका के पाले में गेंद

ईरान का ताजा प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यह प्रस्ताव थोपे गए युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने के मकसद से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि “गेंद अमेरिका के पाले में है। उसे तय करना है कि वह कूटनीति चुने या टकराव का रास्ता अपनाए।”

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