
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब तक कई बार ईरान को पूरी तरह तबाह करने की धमकी दे चुके हैं। खासकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई और कई और सैन्य-राजनीतिक नेताओं और अफसरों पर हमलों के बाद अमेरिका अपनी खुफिया क्षमताओं को लेकर काफी बड़े दावे करता रहा है। हालांकि, ईरान की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति को दी गई एक धमकी के बाद हालिया समय में ऐसा घटनाक्रम हुआ, जो अमेरिकी सुरक्षा दायरे की मजबूती के दावों की पोल खोलता है। दरअसल, बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तुर्किये में हुए नाटो सम्मेलन के बाद जिस तरह से छिपाकर निकाला गया, वह न सिर्फ दुनिया के सबसे सुरक्षित विमान, उसके बेडे़ और अमेरिका की सैन्य क्षमताओं के लिए बड़ा सवाल है, बल्कि उसकी खुफिया व्यवस्थाओं के लिए भी प्रश्नचिह्न के तौर पर उभरा है।




