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पाकिस्तान, US, चीन.. मिडिल ईस्ट संकट की चलते तेल के दाम छू रहे आसमान, यहां 56 फीसदी तक बढ़ी कीमत

मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद पड़ी है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल का रास्ता है. इसके बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं. हालात यह हैं कि पाकिस्तान और मलेशिया जैसे देशों में तेल पेट्रोल की कीमतें 55 फीसदी से ज्यादा तक बढ़ गई हैं. हालांकि भारत में अभी तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है. आइए बताते हैं कि मिडिल ईस्ट संकट के चलते किन-किन देशों में तेल की कीमतें कितनी बढ़ी हैं.

Statista के हालिया आंकड़ों (8 मई) के अनुसार, इस युद्ध के चलते कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है. मलेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों में हालात सबसे खराब हैं, जहां कीमतें लगभग आधी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं.

कहां कितनी बढ़ीं तेल की कीमतें

  • मलेशिया – 56%
  • पाकिस्तान – 55%
  • UAE – 52%
  • USA – 45%
  • कनाडा – 32%
  • चीन – 22%
  • UK – 19%

अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के लगभग 85 देशों ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि दर्ज की है. यह बढ़ोतरी 0.1% से लेकर 50% से भी अधिक के बीच है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है. कई देश अपनी कीमतों में संशोधन महीने के अंत में करते हैं, ऐसे में अप्रैल और मई 2026 के अंत तक यह सूची और लंबी होने की आशंका है.

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ीं

जहां एक ओर विकसित देश 45% तक की बढ़ोतरी झेल रहे हैं, वहीं भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों पर नजर डालें तो यहां पिछले डेढ़ साल यानी 18 महीने से कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है. पिछली बढ़ोतरी 30 अक्टूबर 2024 को हुई थी इसके बाद से भारत में तेल के दाम लगभग स्थिर हैं. इस दौरान भारत में पेट्रोल की कीमत में महज  5 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.

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