अध्यात्ममध्य प्रदेश

सेवक बनकर करें गुरु कार्य कार्य: विचार क्रांति ही सबसे बड़ी क्रांति है—डॉ रमेश अभिलाषी

विश्व गायत्री शक्तिपीठ राजीव नगर मैं बैठक का हुआ आयोजन

विदिशा। विश्व गायत्री परिवार के कार्यों को नई गति और ऊर्जा प्रदान करने के उद्देश्य से राजीव नगर स्थित विश्व गायत्री शक्तिपीठ में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक प्रांतीय प्रशिक्षण प्रभारी डॉ रमेश अभिलाषी जी के गरिमामयी सानिध्य में संपन्न हुई। ​पूर्व लायंस अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर अभिलाषी जी ने “अपनों से अपनी बात” कार्यक्रम के तहत परिजनों से सीधा संवाद किया और उनके सुझाव व समस्याओं को सुना।

​अनमोल संदेशों से समाधान और प्रेरणा

​अभिलाषी जी ने उपस्थित परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें खुद को पदाधिकारी नहीं, बल्कि ‘सेवक’ मानकर कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने गायत्री परिवार के मूल मंत्रों के माध्यम से समस्याओं का समाधान करते हुए परिजनों को प्रेरित किया:
​हम बदलेंगे, युग बदलेगा; हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा।
​विचारों का परिवर्तन ही सबसे बड़ी क्रांति है।
​सादा जीवन, उच्च विचार ही हमारी पहचान होनी चाहिए।
​मुस्कुराना जीवन की अनमोल औषधि है, इसे कभी न खोएं।
​उन्होंने अपने स्नेहपूर्ण और करुणामयी उद्बोधन से सभी उपस्थित जनों को सेवा कार्यों के लिए उत्साहित किया, जिसकी सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

​इनकी रही विशेष उपस्थिति

​बैठक में मुख्य रूप से शक्तिपीठ राजीव नगर की प्रमुख ट्रस्टी सुमन भदोरिया, प्रज्ञापीठ प्रमुख ट्रस्टी मुकेश श्रीवास्तव, लायन अरुण कुमार सोनी, दयाचंद लडिया, सौरभ गुप्ता, वेद प्रकाश एलिया, नीलेश उपाध्याय, मनीष श्रीवास्तव, वंदना श्रीवास्तव, रश्मि द्विवेदी, विजया श्रीवास्तव, प्रमिला कोरी, निशा शर्मा, संध्या कपूर और संगीता चावला सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिजन उपस्थित रहे।
​बैठक का समापन सभी परिजनों द्वारा सेवा, संस्कार और समर्पण के संकल्प के साथ हुआ।

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