भोपाल को अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन का पायलट बनाया जाए: मनोज मीक
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ कंस्ट्रक्शन सेक्टर तक पहुँचे: क्रेडाई


भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यूटिलाइजेशन विषय पर आयोजित वर्चुअल बैठक में क्रेडाई भोपाल ने रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन और अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए विशेष सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक माननीय कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर श्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें देश भर के इंडस्ट्री एसोसिएशंस और चेम्बर्स ने भाग लिया।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने बैठक में सुझाव दिया कि मुक्त व्यापार समझौतों को निर्यातकों तक सीमित समझने की जगह कंस्ट्रक्शन, बिल्डिंग मटेरियल्स, ग्रीन बिल्डिंग तकनीक और शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत, गुणवत्ता और टेक्नोलॉजी एक्सेस से भी जोड़ा जाना चाहिए। निर्माण क्षेत्र को अलग ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट सेक्टर-मैपिंग’ की जरूरत है, क्योंकि अभी इसकी जानकारी अलग-अलग सेक्टर्स में बिखरी हुई है। मीक ने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से एलिवेटर, एचवीएसी सिस्टम, फायर सेफ्टी, स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम, सोलर कंपोनेंट्स, प्री-फैब्रिकेटेड सिस्टम, कंस्ट्रक्शन मशीनरी, ग्रीन मटेरियल्स, प्लम्बिंग और इलेक्ट्रिकल उत्पादों जैसी निर्माण-संबंधी तकनीकों तक बेहतर पहुँच बन सकती है। इससे परियोजना लागत घटेगी, गुणवत्ता बढ़ेगी और घरेलू विनिर्माण में जॉइंट वेंचर तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के अवसर भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के पास टाइल्स, सेनेटरीवेयर, नैचुरल स्टोन, फैब्रिकेटेड स्टील, दरवाजे-खिड़कियाँ, मॉड्यूलर फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल उत्पाद, इंजीनियरिंग सर्विसेज, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और ग्रीन बिल्डिंग विशेषज्ञता के निर्यात की बड़ी क्षमता है। क्रेडाई भोपाल ने सुझाव दिया कि कंस्ट्रक्शन और अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए अलग फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यूटिलाइजेशन गाइड, राज्य-स्तरीय एफटीए हेल्पडेस्क और बिल्डिंग मटेरियल्स तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेकहोल्डर्स के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग सेशन शुरू किए जाएँ।
मनोज मीक ने कहा, भोपाल को सेंट्रल इंडिया पायलट के रूप में विकसित किया जा सकता है, जहाँ ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट-एलिजिबल’ बिल्डिंग मटेरियल्स, ग्रीन कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी और अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन को बढ़ावा मिले। भोपाल की केंद्रीय स्थिति, लैंड अवेलेबिलिटी और उभरता औद्योगिक आधार इसे इस दिशा में स्वाभाविक दावेदार बनाते हैं।



