कॉकरोच जनता पार्टी कोई मजाक नहीं’, राजनीतिक दलों को सीधी चुनौती
नेपाल-बांग्लादेश परिवर्तन नहीं करना चाहिए नजरअंदाज


कॉकरोच या तिलचट्टे इंसानों की दृष्टि में सृष्टि के सबसे घृणित जीवों में से एक हैं। लेकिन, आज भारत में हजारों की संख्या में युवा वर्ग ‘मैं भी कॉकरोच’ जैसे हैशटैग, मीम्स और बैनरों के जरिए अपने आप को तिलचट्टों का पर्याय बताने में गर्व महसूस कर रहा है। सोशल मीडिया के अथाह समंदर में मात्र एक हफ्ते में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के रूप में ऐसी सुनामी उठी, जिससे राजनीतिक गलियारों में हर कोई हैरान है।
CJI की टिप्पणी: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का उदय CJI सूर्यकांत की 15 मई को एक केस की सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणी के कुछ घंटों बाद हुआ। चीफ जस्टिस ने अगले दिन अपनी बात स्पष्ट की, लेकिन बेरोजगारी से बेचैन युवाओं पर इससे कोई फर्क पड़ा नहीं। बोस्टन में पढ़ रहे 30 वर्षीय अभिजीत दीपके की ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ दिलों में एक आग लगा चुकी थी।
दलों को चुनौती: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने मात्र एक हफ्ते के भीतर इंस्टाग्राम पर 22 मिलियन से ऊपर फॉलोअर्स जुटा लिए, BJP और कांग्रेस से भी ज्यादा। ऐसे में इस पार्टी को लेकर परंपरागत राजनीतिक दलों में बेचैनी स्वाभाविक है। यह बेचैनी सोशल मीडिया पर भी दिख रही। BJP के कट्टर समर्थक इसे विपक्ष का विदेश से चलने वाला टूलकिट बताने में लगे हुए है। वहीं, कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इसे BJP की ही ‘बी’ टीम के रूप में पेश कर रहे हैं।
ब्लॉक बेअसर: BJP विरोधियों का तर्क है कि दीपके पहले AAP से जुड़े हुए थे। आम आदमी पार्टी पर भी BJP की ‘बी’ टीम होने का आरोप लगता रहा है। इस बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ट्विटर अकाउंट एक बार बंद किया जा चुका है। दीपके का आरोप है कि उनकी वेबसाइट भी बंद कर दी गई थी और इंस्टाग्राम हैक हो चुका है। हालांकि इससे CJP की लोकप्रियता पर असर नहीं पड़ा। लाखों लोग उनके नए अकाउंट से जुड़ गए।
सिस्टम से नाराजगी: CJP का उदय युवा वर्ग की सिस्टम से नाराजगी का उफान है। लेकिन, यह उफान अभी ही क्यों आया? क्यों युवा वर्ग की इस तरह अपने आपको नीचा दिखाने की रणनीति इतना कामयाब हो रही है? एक लंबे समय से युवाओं के अंदर बेरोजगारी, महंगाई, लचर सरकारी स्वास्थ्य-तंत्र, महंगी शिक्षा व्यवस्था और गिरती अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर कसमसाहट है। ऐसे में NEET के पेपर लीक और परीक्षा निरस्त किए जाने के चंद दिनों बाद ही आए कॉकरोच वाले बयान ने आग में घी डालने का काम किया। इस मुहिम के समर्थकों का कहना है कि कॉकरोच सिस्टम में लगी दीमक का सफाया कर देंगे।


