प्रदेश में स्कूलों का संचालन 1 जुलाई से प्रारंभ किया जाना चाहिए
भोपाल। प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और बदलते वैश्विक हालातों के बीच राज्य शिक्षक संघ ने प्रदेश में स्कूल संचालन की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है। राज्य शिक्षक संघ, मध्यप्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में स्कूलों का संचालन 1 जुलाई से प्रारंभ किया जाना चाहिए। जगदीश यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया भीषण गर्मी और वैश्विक त्रासदी के दौर से गुजर रही है। कई देशों ने परिस्थितियों को देखते हुए “वर्क फ्रॉम होम” जैसी व्यवस्थाएं लागू की हैं। वहीं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा भी ईंधन बचत एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्वजनिक वाहनों के उपयोग की अपील लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सादगी और संसाधनों की बचत का संदेश देते हुए अपने वाहन काफिले में कमी की है। ऐसे समय में प्रदेश में शिक्षकों और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है। प्रदेशाध्यक्ष यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के अनेक विद्यालयों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। 45 डिग्री तापमान के बीच शिक्षकों और विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। उन्होंने बताया कि वे विगत तीन वर्षों से लगातार यह मांग करते आ रहे हैं कि प्रदेश में स्कूलों का नियमित संचालन 1 जुलाई से प्रारंभ किया जाए, ताकि भीषण गर्मी से राहत मिल सके और विद्यार्थी एवं शिक्षक सुरक्षित वातावरण में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कर सकें। राज्य शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि जनहित, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य तथा ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर संवेदनशील निर्णय लिया जाए।


