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तपन में चार लाख शिक्षक कैसे रहेंगे कूल, इन्हें 1 जून से पहुंचना है स्कूल

भीषण गर्मी ने शिक्षकों की बेचैनी बढाई, पत्रों के माध्यम से सरकार को पीड़ा बताई

भोपाल। भीषण गर्मी और चार दिन बाद स्कूल खुलने की तैयारियों के बीच शिक्षकों की बेचैनी बढ़ने लगी है। कारण है कि पारा बिल्कुल झुकने को तैयार नहीं है। तपन इस प्रकार झुलसा रही है कि घरों से निकलना मुश्किल पड़ रहा है। अब चार दिन बाद शिक्षकों को 1 जून से स्कूल पहुंचना है। ऐसा विभाग का फरमान है। इसी नजदीकी की चिंता में शिक्षक अब सरकार की ओर निहार रहे हैं। इस संदर्भ में विभाग कमिश्नर एवं मंत्री को पत्र लिखे गए हैं आजाद अध्यापक शिक्षक संगठन ने पत्र में पुरजोर मांग उठाई है कि शिक्षकों एवं बच्चों की सेहत को देखते हुए ऐसे समय में विद्यालय खोलना कहीं से भी उचित नहीं होगा। आग्रह किया गया है कि विभाग इस गंभीर विषय पर तत्कालित तौर पर पुनर्विचार करें। क्योंकि एक दिन पहले से नौतपा शुरू हुए हैं। आधा माह तक नौ तपों का समय है। इसलिए भीषण गर्मी एवं जनगणना कार्य के कारण विद्यालय जुलाई माह से संचालित किए जाएं।
– भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त व्यस्त- भरत पटेल-
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भारत पटेल का कहना है कि इस वर्ष शिक्षकों को जनगणना एवं अन्य शासकीय कार्यों में निरंतर व्यस्त रहने के कारण 1 मई से 30 मई तक प्राप्त होने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश का लाभ प्राप्त नहीं हो सका। वर्तमान समय में पूरे प्रदेश में अत्यधिक भीषण गर्मी पड़ रही है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है तथा दोपहर के समय घर से बाहर निकलना भी अत्यंत कठिन हो गया है। विद्यालयों में अध्ययनरत छोटे-छोटे बच्चों एवं शिक्षकों के स्वास्थ्य पर भी इस भीषण तापमान का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
– दूसरे राज्यों का अध्ययन कर लिया जाए निर्णय- दर्शन सिंह-
संगठन के संभागीय अध्यक्ष दर्शन सिंह ओढ़ का कहना है कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में तापमान लगातार अत्यधिक बना हुआ है. जिससे लू एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की संभावना बढ़ गई है। राजस्थान में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए जुलाई माह से विद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी शिक्षकों के 16 जून तक अवकाश बढ़ाए गए है इसी तरह मध्यप्रदेश में भी छात्रों, शिक्षकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालय जुलाई माह से प्रारंभ किए जाने की अत्यंत आवश्यकता है। शासन से आग्रह ह कि प्रदेशहित एवं छात्रहित में विद्यालयों के संचालन की तिथि जुलाई माह से निर्धारित करने की कृपा करे, जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके तथा सभी स्वस्थ वातावरण में शिक्षण कार्य कर सकें। ‘

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