शरीर रूपी मंदिर में तंबाकू जैसा कचरा न डालें: लायन अरुण सोनी
ब्रह्माकुमारी केंद्र किला अंदर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर नशा मुक्ति कार्यक्रम और शपथ ग्रहण संपन्न

विदिशा/अंदर किला प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय के स्थानीय अंदर किला केंद्र पर ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के उपलक्ष्य में एक गरिमामय नशा मुक्ति कार्यक्रम एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित जनों को व्यसनों से दूर रहकर स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया गया।
शरीर है ईश्वर का मंदिर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व लायंस अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी लायन अरुण कुमार सोनी ने अपने प्रेरक उद्बोधन से सभी को झकझोर दिया। उन्होंने एक बेहद मार्मिक सवाल पूछते हुए कहा,
”क्या हम कभी किसी मंदिर में कचरा फेंकते हैं? निश्चित ही नहीं। जब हम ईंट-पत्थर के मंदिर की पवित्रता का इतना ध्यान रखते हैं, तो हमारे इस शरीर में भी तो ईश्वर का अंश है। फिर इस अनमोल शरीर रूपी मंदिर में हम तंबाकू और नशे जैसा कचरा क्यों डाल रहे हैं?”
उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक बार सच्चे मन से व्यसन मुक्ति का दृढ़ संकल्प ले लेता है, तो परमात्मा द्वारा उपहार में मिला यह अनमोल शरीर अपनी बीमारियों को स्वतः ही ठीक करना शुरू कर देता है।
आध्यात्मिक मार्ग से ही संभव है व्यसन मुक्ति
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही केंद्र संचालिका आदरणीय बहन कौशल्या दीदी ने सभी को राजयोग और आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से व्यसनों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा दी। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रामकृष्ण मेमोरियल की प्राचार्य मीरा आर्य सिंह ने भी नशा मुक्ति के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए लोगों को जागरूक किया।
ली नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य अतिथि लायन अरुण कुमार सोनी द्वारा उपस्थित सभी नागरिकों, भाई-बहनों को जीवन में कभी भी तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने की गंभीर शपथ दिलाई गई।
इस संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं सभी का आभार प्रदर्शन डॉक्टर जीवन लाल मालवीय भाई जी द्वारा बेहद सुंदर ढंग से किया गया। कार्यक्रम का सफल समापन सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण के साथ हुआ। उपवासकों ने इस दौरान केंद्र से नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेकर प्रस्थान किया।





