तंबाकू यानी मौत का दूसरा नाम’… और इसी जानलेवा लत से विदिशा को मुक्त कराने के लिए आज सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा
हम सभी के अंदर परमात्मा विराजमान हैं तो जब हम मंदिर में कचरा नहीं फेंकते तो अपने तन रूपी मंदिर में तंबाकू कचरा जैसी चीजें क्यों फेंकते हैं..…लायन अरुण कुमार सोनी

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के खास अवसर पर, गायत्री परिवार विदिशा के शक्तिपीठ और प्रज्ञा पीठ द्वारा एक विशाल और भव्य व्यसन मुक्ति रैली निकाली गई। इस रैली का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के अंधकार से निकालकर स्वास्थ्य और जागरूकता की रोशनी की ओर ले जाना था। लायंस के पूर्व अध्यक्ष और अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि इस शानदार रैली में शहर की तमाम बड़ी हस्तियों ने सहभागिता की। रैली में जिला समन्वयक मुकेश तिवारी, दोनों पीठ के प्रमुख ट्रस्टी मुकेश श्रीवास्तव एवं सुमन भदोरिया, पूर्व ट्रस्टी श्री राम कटियार, जिला शिक्षा अधिकारी शिशुपाल सिंह, और पूर्व बीईओ मुकेश श्रीवास्तव सहित दोनों पीठों के ट्रस्टीगण, सैकड़ों गायत्री परिजन और शहर के प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।
यह रैली सिर्फ एक मार्च नहीं थी, बल्कि नशे के खिलाफ एक खुली जंग थी। शहर के प्रमुख रास्तों से गुजरते हुए जब यह रैली दुर्गा नगर चौराहा और माधवगंज चौराहा पहुंची, तो वहां नुक्कड़ और संक्षिप्त सभाओं का आयोजन किया गया।
इन सभाओं को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक मुकेश तिवारी और लायन अरुण कुमार सोनी ने जनता को तंबाकू और अन्य व्यसनों से होने वाले नुकसानों से अवगत कराया और उन्हें जिंदगी चुनने, तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया।
गायत्री परिवार और विदिशा के नागरिकों का यह प्रयास वाकई सराहनीय है, जो समाज को एक नई दिशा देने का काम कर रहा है। आज जरूरत इस बात की है कि इस रैली से प्रेरणा लेकर हर व्यक्ति नशे को हमेशा के लिए ‘ना’ कहे।





