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युवाओं को चपेट में ले रहा मुंह का कैंसर

पीड़ितों में 40 प्रतिशत को मुंह का कैंसर- डॉक्टर योगेश्वर शुक्ला

भोपाल। घातक बीमारी कैंसर के चपेट में अब युवा लोग भी आ रहे हैं। इसका सबसे प्रमुख कारण, तंबाकू, गुटखा और सुपारी का सेवन है। कैंसर सर्जन डॉक्टर योगेश्वर शुक्ला ने बताया कि मुंह का कैंसर सबसे अधिक लोगों को प्रभावित कर रहा है।  डॉक्टर शुक्ला ने कहा कि अंदर गाल की चमड़ी में छाला, जबड़े और जीभ में भी घाव या छाला है तो इसे नजरंदाज न करें। यदि सामान्य उपचार के 15 दिन तक छाला ठीक नहीं होता है तो कैंसर हो सकता है। इसकी तुरंत जांच कराएं क्योंकि प्राथमिक अवस्था यानी फर्स्ट स्टेज में उपचार आसान होता है। मुंह के कैंसर के कारण के बारे में चर्चा करते हुए डॉक्टर योगेश्वर शुक्ला ने कहा कि मुंह में छाला ,गले में गठन तथा ब्रश करने के बावजूद मुंह से दुर्गंध और बिना कीड़ा लगे कोई दांत अगर हिले और गिर जाता है तो यह भी कैंसर का कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर भारत में खासतौर पर 40 प्रतिशत मामले मुंह के कैंसर के हैं। यदि तंबाकू और गुटखा का सेवन बंद कर दिया जाए तो 40 प्रतिशत कैंसर समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब मैंने प्रैक्टिस शुरू की थी उस दौरान 50 से 60 वर्ष के लोगों के बीच कैंसर के मामले सामने आते थे, लेकिन आज 28 से 30 वर्ष के युवा भी मुंह के कैंसर से प्रभावित हो रहे हैं । उन्होंने कहा वैसे तो कैंसर 12 प्रकार के होते हैं लेकिन धूम्रपान और तंबाकू तथा गुटखा सबसे बड़ा कारण बन रहा है।  सिगरेट के नकारात्मक प्रभाव पर बोलते हुए डॉक्टर शुक्ला ने कहा कि सिगरेट का सेवन सबसे ज्यादा लंग्स यानी फेफड़ों को प्रभावित करता है।  फेफड़ों के कैंसर की पहचान करना भी मुश्किल होता है क्योंकि शुरुआत में इसमें टीबी जैसे लक्षण दिखते हैं। यदि सिगरेट का सेवन करने वालों को ज्यादा समय से खांसी की शिकायत है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए यह कैंसर का कारण हो सकता है।

 

 

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