मध्य प्रदेश में तबादले के नाम पर जमकर हुआ भ्रष्टाचार -यश भारतीय
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बोले 5 एल के लेनदेन की जांच की जाए

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश यादव ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पर सवाल उठाए हैं। यश भारती ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में जानबूझकर फाइल रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों को मलाईदार पदों पर स्थानांतरण से रोकने तथा कुछ भ्रष्ट्र अधिकारियों को विशेष संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री के द्वारा स्थानांतरण की अंतिम तारीख से पहले तबादले की सूची सचिव जान किंग्सली को भेजी गई थी लेकिन उसे पर कार्रवाई नहीं हुई और रोक दिया गया, यानी अधिकारी मंत्रियों की भी नहीं सुन रहे हैं। भारती ने उद्यान विभाग में धार जिले के प्रभारी अधिकारी भूपेंद्र सगोरे के व्हाट्सएप चैट
का उल्लेख करते हुए सचिव जान किंग्सली द्वारा 5एल यानी लाख रुपए लेने का सीधा आरोप लगाए । उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग के अधिकारी भूपेन सागोर अपने मित्र से व्हाट्सएप चैट पर कह रहे हैं कि उनका तबादला डायरेक्ट सचिव से बात करने पर हुआ और उन्होंने जवाब में कहा कि भोपाल लूप लाइन है इसलिए 5 एल लगे। इसके अलावा यश भारती ने मध्य प्रदेश के धार जिले में प्रभारी एवं संचालक उद्यान नीरज सांवरिया, इंदौर में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी सौरभ व्यास और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी के पद पर पदस्थ डॉक्टर पूजा सिंह की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। यश भारती ने कहा कि जिस तरह से मध्य प्रदेश में तबादले को लेकर भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं सरकार को इसके लिए एक रेट फिक्स कर देना चाहिए। उन्होंने बिहार में भारत तिवारी के एनकाउंटर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार है लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा।



