हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। हादसे में मां-बेटे समेत छह लोगों की माैत हो गई है। पुलिस थाना रामपुर के तहत आने वाले दुर्गम क्षेत्र काशापाट में एक पिकअप गाड़ी 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में गाड़ी में सवार मां-बेटे और चालक समेत सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शुक्रवार अपराह्न 4:35 बजे ढंढोल-काशापाट मार्ग पर पेश आया। बताया जा रहा है कि चालक दूध की सप्लाई देकर लौट रहा था और रास्ते में पांच लोगों ने लिफ्ट ली थी। हादसा इतना भयानक था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हादसे का लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।रामपुर बुशहर थाने के डीएसपी नरेश शर्मा ने बताया कि चालक रामपुर में दूध बेचने के बाद गाड़ी (एचपी 06बी-2420) लेकर काशापाट की ओर जा रहा था। जब पिकअप ढंढोल के समीप पहुंची तो चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन एक सड़क से पलटे खाते हुए तकलेच-देवठी सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। इस हादसे में मां-बेटे सहित छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में आशा कुमारी (42) पत्नी सत्य प्रकाश निवासी कुआनू, तहसील आनी, आशा का बेटा युगल (10), चालक अशोक जैन (32) पुत्र ध्यान जैन, नितिन (23) पुत्र मैन सिंह दोनों निवासी छलटा, तहसील रामपुर, अभिषेक (23) पुत्र नरसिंह सानी निवासी शरनाल, तहसील रामपुर, लायक राम (56) निवासी पाट, तहसील रामपुर शामिल हैं। महिला आशा अपने मायके काशा जा रही थीं।
मृतकों को नियमों के तहत फौरी राहत
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने शवाें को सड़क तक पहुंचाया। डीएसपी ने बताया कि शवों को तकलेच अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद काशापाट पंचायत में शोक की लहर दौड़ गई है। रामपुर के एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतकों के परिवार वालों को फौरी राहत राशि जारी की जाएगी।हादसे के समय पिकअप में बैठी महिला फेसबुक पर लाइव हुई थी। महिला पिकअप में बैठी सवारियों को अपना ननिहाल दिखा रही थी। महिला की बातचीत के दौरान ही चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया। इससे गाड़ी से नीचे गिर गई। वीडियो में यात्रियों की चीख-पुकार साफ सुनी जा सकती है। हादसे का दिल झकझोर देने वाला यह वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। आशा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल डिगेढ़ में बताैर हिंदी की प्रवक्ता तैनात थीं।
क्रैश बैरियर होते तो बच जातीं छह जानें
ढंढोल-काशापाट सड़क पर हुआ हादसा मृतकों के परिजनों को उम्र भर का गम दे गया। दुर्गम क्षेत्र काशापाट को जोड़ने वाली इस सड़क पर अगर क्रैश बैरियर होते तो 6 लोगों की जिंदगी बच जाती। हादसे के बाद काशापाट पंचायत में मातम पसर गया है और ग्रामीणों को इस हादसे ने झकझोर कर रख दिया है। काशापाट पंचायत से संबंध रखने वाला चालक अशोक जैन रोजाना की तरह शुक्रवार को भी दत्तनगर के मिल्क प्लांट में अपना दूध बेचकर वापस काशापाट की ओर लौट रहा था। रोजाना की तरह शुक्रवार को भी वह दूध बेचकर वापस निकला और साथ में पांच लोग भी इस वाहन में सवार थे। जैसे ही पिकअप ढंढोल के समीप पहुंची तो अचानक वाहन का नियंत्रण बिगड़ा और गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि वाहन में बैठे किसी भी व्यक्ति को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाया। वहीं हादसे के बाद मृतक महिला आशा कुमारी के पति सत्य प्रकाश और पंचायत प्रधान दुनी चंद घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। पंचायत प्रधान बिश्लाधार दुनी चंद ने बताया कि महिला आशा कुमारी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डिगेढ़ में बतौर प्रवक्ता अपनी सेवाएं दे रही थी। शुक्रवार को अवकाश के चलते वह बेटे युगल के साथ अपने मायके जा रही थी।
