खबरमध्य प्रदेश

आदिवासी साहित्य महोत्सव में कविताओं से बांधा समां

जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की अपील की

भोपाल, 28 जून। राजधानी में रविवार को देश का पहला आदिवासी साहित्य महोत्सव आयोजित किया गया। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों ने कविताओं और व्यंग्य के माध्यम से जल, जंगल और जमीन को बचाने की अपील की तथा विकास एवं उद्योग के नाम पर जंगल की कटाई के ऊपर कटाक्ष किया। आयोजक शरद सिंह कुमरे ने बताया कि यह भारत का पहला आदिवासी साहित्य महोत्सव है और इसमें सभी विधाओं के लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सहित गुजरात, महाराष्ट्र,दादर नगर हवेली, छत्तीसगढ़ और ओड़िशा से आए साहित्यकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कुमरे ने कहा कि इस साहित्य महोत्सव को आयोजित करने का उद्देश्य जनजातीय समाज की कला, संस्कृति और साहित्य से समाज के लोगों को अवगत कराना तथा भाषा और साहित्य का संरक्षण करना है।

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