मध्य प्रदेश निगम मंडल अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रांत अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव नीलू ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से यह मांग की है कि वर्तमान में प्रदेश निगम मंडलों में शासन द्वारा जारी किए गए आदेशो में सुविधाओं का सीधा लाभ नहीं मिलता।
कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। वेतनमान , महंगाई भत्ता, पदोन्नति, नियमित वेतन आदि अति आवश्यक हक़ के वंचित रहना पड़ता है।
श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से अविलंब शासन के समान सुविधाएं देने के निर्देश/आदेश जारी करवाने मांग की है।
अध्यक्ष उपाध्यक्ष अन्य पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां की गई है। उनके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अन्य पदाधिकारी को खास तौर से वाहनों के उपयोग में मितव्ययिता बरतने की निर्देश/आदेश अविलम्ब जारी होना चाहिए । ताकि देश के प्रधानमंत्री जहां एक और सभी से पेट्रोल डीजल कम से कम खर्च करने की बात कर रहे हैं , कम से कम गाड़ियों का उपयोग करने की बात कर रहे हैं ।पूल सिस्टम लागू करने की बात कर रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि जो निगम मंडल हानि में चल रहे हैं वहां पर नए अध्यक्षों या उपाध्यक्ष आदि अन्य पदाधिकारीयों की नियुक्ति नहीं होना चाहिए । संबंधित मंत्री या विभागीय ए सी एस या पी एस को अध्यक्ष बनाया जाए।
पुराने आदेशानुसार सभी निगम मंडलों में एम ओ यू(लक्ष्य पूर्ति करारनामा प्रथा फिर से लागू होना चाहिए, ताकि साल भर की गतिविधियों का लेखा जोखा बुरा एक बार समीक्षा बैठक में आए। उससे पता लगे कि राजनीतिक नियुक्तियां कारगर सिद्ध हुई या सफेद हाथी साबित हुई।
महासंघ के पदाधिकारी संयोजक अनिल बाजपेई ,कार्यकारी अध्यक्ष अरुण वर्मा हेमंत कपूर, महामंत्री गजेंद्र सिंह कोठारी, बलवंत सिंह रघुवंशी, श्याम सुंदर शर्मा ,शाहवर खान , शकील अकबर, आदि ने मुख्यमंत्री से इस मांग पहल कर प्रदेश स्तर पर कड़े आदेश प्रसारित करने का की मांग की है। ताकि देश हित में प्रदेश के राजनीतिक लोग इसका पालन कर सके।


