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नूतन महाविद्यालय में 02, 03, 04 एवं 06 जुलाई 2026 तक आयोजित दीक्षारंभ (Induction Programme–2026) के अंतर्गत ओरिएंटेशन कार्यक्रम एवं “मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस” विषय पर डॉ. सुधीर कोचर द्वारा संवादात्मक सत्र आयोजित।

नूतन महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत, मार्गदर्शन एवं सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से दीक्षारंभ (Induction Programme–2026) के अंतर्गत चार दिवसीय प्रवेशोत्सव का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र बिहारी गोस्वामी द्वारा माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. गोस्वामी ने छात्राओं का महाविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए अनुशासन, नियमित अध्ययन, नैतिक मूल्यों, व्यक्तित्व विकास तथा उच्च शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि छात्राओं को आत्मनिर्भर, संस्कारित एवं उत्तरदायी नागरिक के रूप में विकसित करना भी है।
कार्यक्रम का संचालन प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मनीषा शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न विभागों, उपलब्ध सुविधाओं तथा छात्रहितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर छात्राओं को महाविद्यालय का Virtual Tour, आधिकारिक YouTube Channel, WhatsApp Channel तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी परिचित कराया गया।
ओरिएंटेशन सत्र के दौरान छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP-2020), Academic Bank of Credits (ABC), Guardian Login Scheme, विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली, परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश, एंटी-रैगिंग नियम, POSH (Prevention of Sexual Harassment), छात्रवृत्ति योजनाओं, डिजिटल शिक्षा संसाधनों तथा महाविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
छात्राओं को महाविद्यालय के आधिकारिक WhatsApp Channel से जोड़ा गया तथा सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग एवं दुरुपयोग विषय पर विशेष चर्चा की गई। उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया का रचनात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग कर वे करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार, शोध, छात्रवृत्ति तथा उच्च शिक्षा से संबंधित प्रमाणिक एवं उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही साइबर सुरक्षा, डिजिटल अनुशासन तथा सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचाव के उपायों पर भी विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को महाविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं सुविधाओं का Physical Visit भी कराया गया। इस दौरान उन्होंने पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, खेल विभाग, एनसीसी, एनएसएस तथा अन्य शैक्षणिक इकाइयों का अवलोकन किया। संबंधित विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों ने छात्राओं को विभागीय गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों तथा भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।
इसके अतिरिक्त छात्राओं को ई-लाइब्रेरी, N-LIST, ई-पुस्तकों, डिजिटल लर्निंग रिसोर्सेज तथा अन्य ऑनलाइन शैक्षणिक संसाधनों के उपयोग की जानकारी भी प्रदान की गई, जिससे वे आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर अपनी अध्ययन प्रक्रिया को अधिक ज्ञानवर्धक एवं सशक्त बना सकें।
इसी क्रम में 06 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की गाइडलाइन के अनुरूप “मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात मनोचिकित्सक एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कोचर रहे।
अपने प्रेरणादायी व्याख्यान में डॉ. सुधीर कोचर ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास तथा संतुलित जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अध्ययन में एकाग्रता बढ़ाने, प्रभावी अध्ययन तकनीकों को अपनाने, विषयों को सरलता से समझने एवं लंबे समय तक याद रखने के उपाय, तनाव एवं ओवरथिंकिंग से बचाव, समय प्रबंधन, संतुलित आहार एवं पोषण, क्रोध नियंत्रण तथा सकारात्मक भावनाओं की अभिव्यक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवहारिक एवं प्रेरणादायी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि “मानसिक रूप से स्वस्थ विद्यार्थी ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।”
व्याख्यान के पश्चात आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपने प्रश्न रखे, जिनका डॉ. कोचर ने सरल, व्यवहारिक एवं प्रेरणादायी उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र बिहारी गोस्वामी ने कहा कि दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल छात्राओं को महाविद्यालय की व्यवस्था एवं शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, जागरूक, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है।
चार दिवसीय दीक्षारंभ (Induction Programme–2026) के दौरान आयोजित सभी गतिविधियाँ अत्यंत सफल एवं प्रभावी रहीं। नवप्रवेशित छात्राओं ने पूरे उत्साह, अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम में भाग लिया तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल, एनसीसी, एनएसएस एवं अन्य गतिविधियों से परिचित होकर लाभान्वित हुईं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। महाविद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के मार्गदर्शनात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम छात्राओं के शैक्षणिक, मानसिक, सामाजिक एवं सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की सशक्त आधारशिला सिद्ध होते हैं।

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