
अमेरिकी फिल्ममेकर माइक नून की भारत यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। ओडिशा के एक ग्रामीण सरकारी अस्पताल में उनका इलाज हुआ। इलाज के बाद जब उन्हें पता चला कि अस्पताल ने उनसे कोई शुल्क नहीं लिया, तो वे हैरान रह गए। माइक ने अपने अनुभव की तुलना अमेरिका के महंगे इलाज से करते हुए कहा कि वहां इसी तरह के इलाज का खर्च हजारों डॉलर तक पहुंच सकता है। अमेरिकी फिल्ममेकर माइक नून (Mike Noone) भारत की यात्रा पर आए थे। यात्रा के पांचवें दिन वह ओडिशा में थे, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। माइक के मुताबिक, उन्हें लगातार करीब 12 घंटे तक हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी। हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें एक ग्रामीण सरकारी अस्पताल ले जाया गया। माइक ने अस्पताल के बेड से अपना वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उन्हें IV फ्लूइड, उल्टी रोकने की दवा और इंजेक्शन दिए गए। उन्होंने अस्पताल की स्थिति को अपने खास मजाकिया अंदाज में कैमरे पर रिकॉर्ड किया।
🚨American man treated for Free in Rural Indian Hospital, Says It Would have cost thousands of Dollars in U.S pic.twitter.com/eKIbbWroRc
— Indian Infra Report (@Indianinfoguide) August 16, 2026
माइक ने अपनी तबीयत खराब होने की वजह को लेकर एक बात खास तौर पर स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्हें फूड पॉइजनिंग नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, ओडिशा का स्थानीय खाना उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा खा लिया और इसी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने खाने का जरूरत से ज्यादा आनंद लिया और फिर उसकी कीमत चुकानी पड़ी। यानी माइक ने अपनी बीमारी को भारतीय खाने या भारत की स्वच्छता व्यवस्था से जोड़ने के बजाय इसे ओवरईटिंग यानी जरूरत से ज्यादा खाना बताया। माइक ने बताया कि ग्रामीण सरकारी अस्पताल में उन्हें इलाज के लिए भर्ती किया गया। वहां उन्हें IV फ्लूइड और एंटी-नॉज़िया दवाएं दी गईं और इंजेक्शन भी लगाए गए। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। माइक के लिए सबसे बड़ा आश्चर्य हालांकि इलाज नहीं, बल्कि इलाज का खर्च था।
माइक ने अपने वीडियो में अमेरिका और भारत के इलाज के खर्च की तुलना की। उनका कहना था कि अमेरिका में IV फ्लूइड, उल्टी रोकने वाली दवाओं और इंजेक्शन जैसे इलाज का खर्च कुछ हजार डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि ओडिशा के जिस सरकारी अस्पताल में उनका इलाज हुआ, वहां उनसे कोई शुल्क नहीं लिया गया। उन्होंने इस बात को अपने व्यंग्यात्मक अंदाज में बताया और कहा कि अमेरिका में संभावित भारी मेडिकल बिल के बारे में सोचकर उन्हें चिंता हुई थी, लेकिन भारत में अस्पताल ने उनसे एक सेंट भी नहीं लिया। माइक का अस्पताल से शेयर किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसमें वह अस्पताल के बेड पर अपने इलाज का अनुभव बताते नजर आएउनके वीडियो पर लोगों ने भारत की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और अमेरिका में इलाज की ऊंची लागत को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने माइक के अनुभव को भारत के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सस्ती या मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की मिसाल बताया। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि एक व्यक्ति के अनुभव के आधार पर दोनों देशों की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना करना सही नहीं होगा। माइक की कहानी ने भारत की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक अलग तस्वीर सामने रखी है। आमतौर पर भारत के सरकारी अस्पतालों को लेकर सुविधाओं और संसाधनों की कमी जैसी खबरें चर्चा में रहती हैं। लेकिन इस मामले में एक विदेशी यात्री ने ग्रामीण सरकारी अस्पताल में मिले इलाज और बिना बिल के उपचार को अपने लिए खास अनुभव बताया।



