राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष व्यापारियों ने गाई रामधुन (रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम एवं वैष्णव जन तो तेने कहिये जे, पीड़ पराई जाने रे), सीलिंग के स्थायी समाधान के लिए ‘प्रार्थना से प्रदर्शन तक’ अभियान का शुभारंभ

आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध नगर निगम द्वारा की जा रही सीलिंग की कार्रवाई के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आज भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं भोपाल व्यापारी महासंघ के नेतृत्व में मिंटो हॉल स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व भोपाल चेंबर के अध्यक्ष श्री गोविंद गोयल ने किया। प्रार्थना सभा में भोपाल चेंबर एवं व्यापारी महासंघ से जुड़े लगभग 95 से अधिक व्यापारी एसोसिएशनों तथा करीब 2,000 व्यापारी साथियों ने शामिल होकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
प्रार्थना सभा में व्यापारियों ने सामूहिक रूप से रामधुन गाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भगवान श्रीरामचंद्र जी से प्रार्थना की। महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण संघर्ष के विचारों से प्रेरणा लेते हुए भोपाल चेंबर एवं भोपाल व्यापारी महासंघ ने ‘प्रार्थना से प्रदर्शन तक’ अभियान का शुभारंभ किया। चेंबर पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद एवं लोकतांत्रिक तरीके से समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान प्राप्त करना है।
नगर निगम द्वारा भोपाल में लगभग 60 से 70 हजार व्यापारियों को सीलिंग की कार्रवाई के नोटिस दिए जा रहे हैं। यदि औसतन एक व्यापारी के परिवार में 5 सदस्य और उसके प्रतिष्ठान में कम से कम 1 कर्मचारी कार्यरत माना जाए, तो इस कार्रवाई से लगभग 6 से 7 लाख आजीविका सीधे प्रभावित हो सकती है। वहीं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद होने की स्थिति में लगभग 1.5 से 2 लाख लोगों के रोजगार पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है जिसकी भोपाल चैंबर को अत्यधिक चिंता है।
श्री गोयल ने मध्य प्रदेश शासन से भोपाल के लिए नया मास्टर प्लान तत्काल लाने की मांग करते हुए कहा कि वर्ष 1995 में लागू मास्टर प्लान वर्ष 2005 तक प्रभावी था। इसके बाद लगभग 21 वर्षों से भोपाल को नया मास्टर प्लान नहीं मिला है। इस अवधि में शहर का स्वरूप, आबादी और आवश्यकताएं बदल चुकी हैं तथा अनेक आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्षों से अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं और जीएसटी सहित विभिन्न करों का भुगतान कर सरकार के राजस्व में योगदान दे रहे हैं। कई व्यापारी वाणिज्यिक दरों पर बिजली बिल का भी भुगतान कर रहे हैं।
श्री गोयल ने कहा कि व्यापारी समाज प्रदेश के राजस्व और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। सीलिंग की कार्रवाई का असर केवल व्यापारियों पर नहीं, बल्कि कर्मचारियों, श्रमिकों और उनके परिवारों पर भी पड़ेगा। व्यापारी सरकार के साथ टकराव नहीं चाहता, बल्कि शांतिपूर्ण वातावरण में सम्मान के साथ व्यापार करना चाहता है। सरकार को संवेदनशीलता के साथ ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे नियमों का पालन भी हो और वर्षों से स्थापित व्यापारिक गतिविधियों एवं उनसे जुड़ी आजीविका भी सुरक्षित रहे।
भोपाल चेंबर के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने बताया कि सीलिंग की कार्रवाई के स्थायी समाधान के लिए चेंबर द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदय, माननीय प्रधानमंत्री महोदय, मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल महोदय एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय को पत्र एवं ज्ञापन भेजे जा रहे है। चेंबर ने शासन से सीलिंग की कार्रवाई तत्काल रोकने तथा भोपाल के लिए नया मास्टर प्लान शीघ्र लाने का आग्रह किया है।
भोपाल चेंबर ने स्पष्ट किया कि व्यापारी सम्मान के साथ व्यापार करना, सरकार के राजस्व में योगदान देना और शहर के विकास में सहभागी बनना चाहता है। चेंबर ने कहा कि आज महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष रामधुन और प्रार्थना के साथ ‘प्रार्थना से प्रदर्शन तक’ अभियान की शुरुआत की गई है और आवश्यकता पड़ने पर व्यापारियों की मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा।



