पर्यावरण बचाने बच्चों ने किया अनूठा प्रदर्शन

पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चे कितने जागरूक हैं, यह राजधानी के शारदा विद्या मंदिर स्कूल में देखने को मिला। अवसर था- विश्व जल सप्ताह के चलते आयोजित विशेष सभा का। बच्चे प्रकृति को बचाने, प्रदूषण न फैलाने, वन्य प्राणियों का शिकार न करने और स्वच्छता का संदेश देते हुए एक-एक कर मंच पर आए तो बच्चों के अनोखे प्रदर्शन ने सभी को आश्चर्य मिश्रित खुशी से हर्षित कर दिया। भावविभोर दर्शकों और स्कूल स्टॉफ ने तालियां बजाकर बच्चों को प्रोत्साहित किया। बच्चे अपने साथ सेव अर्थ से सम्बंधित मॉडल बनाकर भी लाए।
भोपाल के रातीबड़ मार्ग पर स्थित शारदा विद्या मंदिर स्कूल के कक्षा नर्सरी के बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से यह बताया कि सही दिशा और प्रेरणा देकर छोटे बच्चे भी बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं, पर्यावरण संरक्षण में उनकी भागीदारी समाज में एक नई जागरूकता और सक्रियता का परिचायक है। विशेष सभा में बच्चे यूनीफार्म की बजाय पर्यावरण को बचाने का संदेश देते हुए विद्यालय परिसर में दिखाई दिए। बच्चों ने जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाने के लिए रचनात्मक चित्रांकन प्रस्तुत किया।
स्कूल की प्राचार्य ने बताया कि बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति कौशल विकसित करने और बच्चों के साथ-साथ सभी को प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रेरित और जागरूक करने के लिए यह विशेष सभा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, विशेषकर बच्चों के माध्यम से भविष्य की पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति दायित्व बोध को जागृत करना है।
बच्चों ने बताया कि सिर्फ एक दिन 5 जून को ही विश्व पर्यावरण दिवस न मनाया जाए, बल्कि प्रत्येक दिवस और जब भी समय मिले तब पर्यावरण को बचाने के लिए कार्य किया जाए। यूं भी अगस्त महीने में स्वतंत्रता दिवस के साथ ही मानवता दिवस, शेर दिवस, हाथी दिवस, श्वान दिवस, व्हेल शार्क दिवस, मच्छर दिवस, अक्षय ऊर्जा दिवस, अंगदान दिवस और अंतरिक्ष दिवस भी मनाया जाता है। यह सभी दिवस हमारे भीतर चेतना जागृत करने और पर्यावरण को बचाने के लिए सभी को कुछ-न-कुछ प्रयास अवश्य ही करने का संदेश देते हैं। बच्चों के इस अनूठे प्रदर्शन को सभी के द्वारा भरपूर सराहा गया। बच्चे भी अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन और प्रसंशा से प्रफुल्लित हो उठे।