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बच्चे घर से नहीं निकल रहे, लोग बोले- दूसरा फ्लैट दिला दो; सोसाइटी में डर का माहौल

भयावह हादसे के बाद से निवासियों में डर का माहौल है। बी-1 टॉवर की नौवीं मंजिल पर हुई घटना के बाद, जहां आत्महत्या करने वाली किशोरियों का परिवार रहता है, वहां के लोग दूसरा फ्लैट ढूंढने लगे हैं।

भारत सिटी सोसायटी में मंगलवार देर रात हुए हादसे के बाद से डर का माहौल है। स्थिति यह है कि बी-1 टॉवर की नौवीं मंजिल पर रहने वाले परिवार यहां से फ्लैट बदलने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए लगातार प्रॉपर्टी डीलर से संपर्क कर रहे हैं। आत्महत्या करने वाली किशोरियों का परिवार टॉवर की इसी मंजिल पर रहता हैहादसे के दूसरे दिन गुरुवार को अमर उजाला की टीम यहां पहुंची तो दिनभर चहल-पहल वाली सोसायटी में अजीब सा सन्नाटा पसरा मिला। सोसायटी के बीच बने जिस पार्क में आमतौर पर बच्चों की भीड़ रहती है, वहां एक-दो बेंच पर कुछ बुजुर्ग व महिलाएं ही बैठी दिखीं। सभी के चेहरे पर सवाल और जिज्ञासा तैर रही थी। दबी जुबान में हादसे की चर्चा भी हो रही थी।

सोसायटी के सह सचिव राहुल झा ने बताया कि हादसे के बाद से बच्चे बेहद डरे हुए हैं। पहले स्कूल से लौटने के बाद और शाम के समय पार्क में बच्चे खेलने-कूदने आते थे। यहां माता-पिता और सोसायटी के अन्य लोगों के साथ समय बिताते थे। हादसे के बाद से यह सब बंद हो गया है। बच्चों ने पार्क की तरफ आना बंद कर दिया है।

Ghaziabad Suicide case Children are not leaving house people said get me another flat
Ghaziabad Sisters Suicide –

दूसरी ओर कुछ लोग स्थिति को सामान्य करने में भी लगे हुए हैं। एओए पदाधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि घर में भय का माहौल न बनाएं। बच्चों को सकारात्मक रखें। एओए के व्हाट्सएप ग्रुप पर कई लोगों ने हादसे को भूलने की भी अपील की और इससे बच्चों को दूर रखने की सलाह दी।

पिता बोले- सब मेरी गलती, मैंने बच्चों पर ध्यान नहीं दिया
तीनों बहनों के पिता चेतन कुमार ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, उनकी गलती रही कि बेटियों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया। उन्हें मोबाइल फोन दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां कोरियन कल्चर से बहुत अधिक प्रभावित हो गई थीं।
मांग की कि भारत में कोरियन ड्रामा, सीरियल, वीडियो सभी बंद होने चाहिए। कहा कि उन्होंने अपने तीन बच्चों को खोया है, कोई और इस कल्चर की वजह से अपना बच्चा न गंवाएं। इसके लिए भारत सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए।

सोसायटी के मनोज ने बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करते हैं। चेतन कुमार के फ्लोर पर रहने वाले कुछ परिवारों ने उनसे संपर्क किया है। उनका कहना है कि हादसे के बाद से बच्चे इतना डर गए हैं कि घर से बाहर ही नहीं निकल रहे। इस कारण कई परिवार, जो यहां किराये पर रहते हैं, अपना फ्लैट बदलना चाहते हैं।

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