अध्यात्ममध्य प्रदेश

मनुष्य को ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे राष्ट्र व समाज प्रेरणा ले – जगतगुरू राजेन्द्रदास जी महाराज

कथा की रसधारा गौसंरक्षण, प्राकृतिक खेती व सनातन मूल्यों को मार्गदर्शन देगी - उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल 12 फरवरी 202;बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में श्री रेवासा धाम, श्री वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर श्री राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषय पर दिव्य कथा का आयोजन किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि पूज्य महाराज श्री का रीवा आगमन हम सबके लिए सपना साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि जब देश में बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं तो संतों को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है, ऐसे महान संत का हमारे बीच उपस्थित होना पूरे क्षेत्र का सौभाग्य है। इस आयोजन से क्षेत्र में अपार उत्साह और उमंग का वातावरण है। महाराज श्री की अमृतवाणी से बहने वाली कथा की रसधारा गौसंरक्षण, गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं सनातन मूल्यों को मार्गदर्शन देगी। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौ सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि रीवा के लक्ष्मणबाग में एक हजार बेसहारा गायों के लिए गौशाला का निर्माण किया गया। इसके बाद बसामन मामा में 10 हजार गौवंश के संरक्षण की व्यवस्था की गई। वर्तमान में हिनौती धाम में 25 हजार गौवंशों के संरक्षण हेतु विशाल व्यवस्था विकसित की जा रही है। यह सुनकर पूज्य महाराज श्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। बसामन मामा स्थित गौशाला के समीप 500 एकड़ का प्राकृतिक वन क्षेत्र है, जिससे गौमाता के लिए प्राकृतिक चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित है।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में अनेक विकास कार्य हुए हैं, किन्तु यदि उनसे पूछा जाए कि उनका सबसे बड़ा कार्य कौन-सा है, तो वे लक्ष्मणबाग गौशाला और बसामन मामा में गौवंश विहार के निर्माण को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने कहा कि रीवा के विकास में गौमाता की कृपा का विशेष योगदान है। गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धरती को स्वस्थ रखना आवश्यक है। गौमाता के गोबर और गौमूत्र से निर्मित जीवामृत, बीजामृत जैसे उत्पाद भूमि की उर्वरता बढ़ाते हैं, जबकि रासायनिक खाद भूमि और मानव स्वास्थ्य दोनों को हानि पहुँचाते हैंै। इसलिए गौ आधारित कृषि ही भविष्य का मार्ग है। धरती के स्वस्थ्य रहने से हम सब भी स्वस्थ्य रहेंगे।
कार्यक्रम में संत श्री संतोषदास जी (सतुआ बाबा) ने कहा कि रीवा में प्रवेश करते ही यह अनुभूति होती है कि यहां का नेतृत्व शासक की तरह नहीं, बल्कि सेवक की तरह कार्य कर रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल की सरलता व संतों के प्रति सेवाभाव उन्हें उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ायेगी और उनके संकल्प पूर्ण होंगे। उन्होंने कहा, गाय इस पृथ्वी का सिंदूर है। उन्होंने देवहरा बाबा के वचनों का स्मरण करते हुए कहा कि जब तक पृथ्वी पर गायों का विचरण रहेगा, तब तक कलियुग प्रभावी नहीं हो सकता।
इस अवसर पर राजगुरु श्री बद्री प्रपन्नाचार्य (चित्रकूट) ने भी गौ सेवा के कार्यों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए शुभ संकेत बताया। उन्होंने कहा कि गौमाता की कृपा से यह श्रेष्ठ आयोजन हो रहा है और गौसेवा से ही सारे संकल्प पूर्ण होंगे।
कथा के दौरान श्री राजेंद्रदास जी महाराज ने गौमाता को धर्म की जननी बताते हुए कहा कि गौ सेवा से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ प्राप्त होते हैं। यदि भारत की शिक्षा, चिकित्सा और कृषि व्यवस्था गौ आधारित मॉडल पर स्थापित की जाए तो भारत विश्व में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सकता है। गौ संरक्षण और संवर्धन को विकास का केंद्र बिंदु बनाकर ही राष्ट्र समृद्धि के शिखर तक पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को ऐसे कर्म करने चाहिए जिससे राष्ट्र व समाज प्रेरणा ले। उन्होंने जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वह अपने क्षेत्र में गौवंश के संरक्षण के लिए गौधाम बनाये ताकि युग परिवर्तन हो सके। महाराज श्री ने कहा कि बसामन मामा श्रृद्धा व आस्था का केन्द्र है हजारों वर्ष पहले कहा गया था कि यह क्षेत्र गौ तीर्थ बनेगा आज यह साकार रूप के तौर पर स्थापित है और इसकी परिणिति दिव्य स्थल के तौर पर हुई है। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण व गौ आधारित प्राकृतिक खेती से ही स्वस्थ्य धरा के साथ मनुष्यों का स्वस्थ्य जीवन होगा। इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सपत्नीक व्यासपीठ की पूजा अर्चना की। कार्यक्रम में जगतगुरू श्री बल्लदास जी फतेहपुर के छोटे महाराज जी, श्री रामसुमनदास जी महाराज, श्री गंगादास जी महाराज सहित विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य जन और बड़ी संख्या में भक्तजन व श्रोता उपस्थित रहे।

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