अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

शिव की स्मृति से जीवन बनेगा सुखमय : बी.के. डॉ. रीना दीदी

भोपाल, महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ गुलमोहर सेवाकेन्द्र, में भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव की पूजा, आरती के द्वारा किया गया। जिससे वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र प्रभारी बीके डॉ रीना दीदी ने महाशिवरात्रि महोत्सव के बारे में बताया कि शिव की स्मृति से जीवन सुखमय बन जाता है, विकारग्रस्त विश्व से अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर शिव ही ज्ञान का प्रकाश संपूर्ण संसार में फैलाते हैं। सत्कर्म की शिक्षा केवल भगवान शिव से ही प्राप्त होती है। अब समय है, आत्मा के मूल स्वरूप की ओर लौटना होगा। महाशिवरात्रि पर दीदी ने किया आत्मपरिवर्तन का आह्वान।

दीदी ने कहा कि शिवरात्रि पर संकल्प लिया जाता है – मन, वचन और कर्म की पवित्रता का
विचारों की पवित्रता – क्रोध, घृणा, ईर्ष्या और अहंकार को छोड़ना।
रिश्तों की पवित्रता – सबके प्रति प्रेम और सम्मान का भाव रखना।
आहार की पवित्रता – सात्विक, शुद्ध और शाकाहारी भोजन ग्रहण करना।
कर्मों की पवित्रता – हर कार्य को धर्म और सत्यता के आधार पर करना।

महाशिवरात्रि महोत्सव समाज से बुराइयों का समर्पण के बारे में बताता है। जब हम पवित्रता को स्वीकार करते हैं, तो स्वाभाविक रूप से हमारे मन की तार परमात्मा से जुड़ जाती है। क्योंकि ये हमारी कमजोरियों और विकारों – काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार का प्रतीक हैं। हम इन्हें अपने संस्कार मान बैठे हैं, लेकिन शिवरात्रि हमें इन्हें ईश्वर को समर्पित करने की प्रेरणा देती है। जब हम इन दोषों को त्याग देते हैं, तभी हमारे भीतर दिव्य गुणों का विकास होता है और तब हम स्वर्णिम युग के निर्माता बनते हैं। भगवान शिव की शोभायात्रा गुलमोहर कॉलोनी त्रिलंगा से होते हुए सेवाय कंपलेक्स, ईश्वर नगर, बेरछा भंडार, बावड़िया कला रोहित नगर से औरा मॉल होते हुए गुलमोहर त्रिलोचन नगर में शोभायात्रा का भव्य समापन हुआ। आकर्षण का केंद्र चैतन्य शंकर जी रहे और 10 फीट ऊंचे शिवलिंग की प्रतिमा रही। साथ-साथ चैतन्य शंकर जी एवं पार्वती जी ने शोभायात्रा के दौरान हजारों की संख्या में भक्तगणों को आशीर्वाद से भरपूर किया। कार्यक्रम के पश्चात सभी ने ब्रह्मा भोजन स्वीकार किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button