देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का बुधवार को ट्रायल शुरू हुआ। ट्रेन का जींद रेलवे स्टेशन से ललितखेड़ा स्टेशन तक करीब 20 किलोमीटर तक सफल ट्रायल हुआ। इसके बाद डीजल इंजन लगाकर ट्रेन को मोहाना स्टेशन तक ले जाया गया। रेलवे अधिकारियों ने ट्रायल को संतोषजनक बताया है।हाइड्रोजन ट्रेन को बुधवार की सुबह 7 बजे यार्ड से बाहर निकाला गया। डीजल इंजन की सहायता से पहले ट्रेन को हांसी रोड पुल के नीचे लाया गया। यहां ट्रेन थोड़ी देर रुकी रही। इसके बाद ट्रेन को वापस जंक्शन पर लाया गया। यहां से सुबह 8:25 बजे ट्रेन सोनीपत की ओर रवाना हुई।
सुबह 8:40 बजे बजे डीजल इंजन की मदद से ट्रेन पिंडारा तक लाई गई। यहां से डीजल इंजन हटाकर ललितखेड़ा तक हाइड्रोजन इंजन से ट्रेन का रनिंग ट्रायल हुआ। दोनों स्टेशनों के बीच दो बार ट्रेन को चलाया गया। इस दौरान ट्रेन की स्पीड करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई।
जींद से ललितखेड़ा रेलवे स्टेशन तक हुआ ट्रायल
पिंडारा पहुंचने के बाद गोहाना से आगे मोहाना तक डीजल इंजन के साथ ही हाइड्रोजन ट्रेन को ले जाया गया। फिर मोहाना से वापस जींद की तरफ ट्रेन को लाया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी टीम ने बारीकी से निगरानी की।
हरियाणा में हुआ भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल
ट्रायल में स्पीड, ब्रेक, फ्यूलसेल की हुई जांच
ट्रायल के दौरान ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, हाइड्रोजन फ्यूल सेल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। भंभेवा स्टेशन पहुंचने के बाद विशेषज्ञों ने इंजन और कोच का तकनीकी निरीक्षण भी किया। बताया जा रहा है कि सभी मानक संतोषजनक पाए जाने पर जल्द हाइड्रोजन ट्रेन को नियमित रूप से ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा।
अगले चरण में सोनीपत तक होगा ट्रायल
ट्रायल के अगले चरण में ट्रेन को सोनीपत तक चलाया जाएगा। अगले तीन-चार दिनों तक अलग-अलग समय पर परीक्षण जारी रहेगा। इस दौरान ट्रेन की अधिकतम रफ्तार, ईंधन खपत, सिग्नल सिस्टम के साथ तालमेल और आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी।