खेत में तीन दिन से निकल रहा क्रूड ऑयल, भरे जा चुके 50 से ज्यादा टैंकर; किसान ने मुआवजा क्यों मांगा?
बाड़मेर के कवास क्षेत्र में ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के पास किसान हरजीराम खोथ के खेत में पाइपलाइन लीकेज से तीन दिन से क्रूड ऑयल निकल रहा है। 50 से अधिक टैंकर भरे जा चुके हैं। नुकसान को लेकर किसान ने मुआवजे की मांग की है।


बाड़मेर जिले के कवास क्षेत्र में ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के वेलपैड संख्या-8 के पास स्थित एक खेत में पिछले तीन दिनों से भारी मात्रा में क्रूड ऑयल निकल रहा है। बताया जा रहा है कि पाइप लाइन लीकेज के चलते यह रिसाव हो रहा है। कंपनी के कर्मचारी अस्थायी तौर पर एक गड्ढा खोदकर उसमें एकत्र हो रहे क्रूड ऑयल को टैंकरों में भरकर ले जा रहे हैं। हालांकि क्रूड ऑयल किस स्थान से लीक हो रहा है, इसका स्पष्ट पता अभी तक नहीं चल पाया है।किसान की जमीन को नुकसान, मुआवजे की मांग
खेत के मालिक का कहना है कि उन्होंने अपनी अधिकांश जमीन पहले ही कंपनियों को दे दी थी और यही खेत शेष बचा था। उनके अनुसार पिछले वर्ष इसी खेत में 50 बोरी बाजरा उत्पादन हुआ था, लेकिन अब लगातार क्रूड ऑयल निकलने से जमीन बंजर होती जा रही है। किसान ने नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है।23 फरवरी को शुरू हुआ रिसाव
घटना बाड़मेर के ऐश्वर्या वेलपेड के पास काउखेड़ा गांव की है। 23 फरवरी सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे किसान हरजीराम खोथ के खेत में अचानक जमीन से क्रूड ऑयल का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते खेत के एक हिस्से में तेल फैल गया। सूचना मिलने पर कंपनी के अधिकारी और इंजीनियर्स की टेक्निकल टीम मौके पर पहुंची।तेल के बहाव को मोड़ने के लिए बनाई गई खाई
रिसाव स्थल के पास मशीनों से करीब 100 मीटर लंबी खाई खोदकर एक रास्ता तैयार किया गया है, जिससे तेल का बहाव एक गड्ढे तक पहुंचाया जा सके। इसके बाद उस गड्ढे से वैक्यूम टैंकरों के माध्यम से तेल को भरकर दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। मौके पर केयर्न वेदांता कंपनी के अधिकारी मौजूद हैं और वैक्यूम पंप की मदद से टैंकरों में क्रूड ऑयल भरा जा रहा है।
सप्लाई बंद, जांच जारी
बताया जा रहा है कि अब तक करीब 50 से अधिक टैंकर भरे जा चुके हैं, लेकिन खेत में अभी भी क्रूड ऑयल भरा हुआ है। एहतियातन सप्लाई को बंद कर दिया गया है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार क्रूड ऑयल के रिसाव के स्रोत की जांच की जा रही है और जल्द समाधान निकाला जाएगा। टेक्निकल और ऑपरेशनल दोनों टीमें रिसाव के कारणों की पड़ताल में जुटी हैं।


