खबरमध्य प्रदेश

होली बाजार में बदली तस्वीर: चीन का हिस्सा घटा,‘मेक इन इंडिया’ का रंग चढ़ा

भोपाल। होली का त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजारों में सतरंगी रौनक लौट आई है, लेकिन इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है,पहले जहां होली के अधिकांश फैंसी सामान चीन से आते थे, वहीं अब भारतीय उत्पादों ने बाजार पर मजबूत पकड़ बना ली है।
व्यापारियों के अनुसार आयात नियंत्रण, स्थानीय उत्पादन और हर्बल उत्पादों की बढ़ती मांग के साथ साथ स्वदेशी जागरूकता के कारण विदेशी माल का हिस्सा लगातार बहुत कम हो रहा है।

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री एवं कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू ने बताया की “पहले उपभोक्ता अनजाने में चीन निर्मित सामान खरीद लेते थे, लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है। आज ग्राहक स्वयं दुकानदार से पूछते हैं कि यह सामान चीन का तो नहीं है, हमें स्वदेशी ही चाहिए। सुरक्षित, हर्बल और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की यह सोच कहीं न कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘ आत्मनिर्भर भारत ’ के संदेश का भी प्रभाव है, जिससे स्थानीय उद्योग और छोटे व्यापारी सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।
एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकाइयों की बढ़ती भागीदारी ने भी चीन पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

देशभर में होली का कुल कारोबार लगभग 18,000 से 22,000 करोड़ रुपये का आंका जा रहा है, जिसमें अब चीन से आने वाला माल घटकर करीब 3,500 से 5,000 करोड़ रुपये (18–25%) रह गया है, जबकि 10 वर्ष पहले यह लगभग 70 से 75 प्रतिशत तक हुआ करता था।

किस सामान में कितना विदेशी और कितना स्वदेशी

1. पिचकारी
कार्टून/टैंक मॉडल :
भारत :-60–70%
चीन :-30–40%
2. मास्क व कैरेक्टर आइटम :
भारत :- 60–70%
चीन :- 30–40%
3. कलर स्प्रे व फोम स्प्रे :
भारत :- 50–60%
चीन :- 40–50%
4. पानी के गुब्बारे पैक :
भारत :- 70–80%
चीन :- 20–30%
5. गुलाल व हर्बल रंग :
भारत:-90–100%
चीन :-05–10%

भोपाल की होली मे क्या बदला
राजधानी भोपाल के बाजारों में इस वर्ष हर्बल गुलाल, ऑर्गेनिक रंग और देसी पिचकारी की मांग अधिक देखी जा रही है। साधारण पिचकारी और रंग लगभग पूरी तरह भारतीय हैं, जबकि बैटरी व म्यूजिकल थीम वाली पिचकारी में आंशिक निर्भरता बनी हुई है। ग्राहकों द्वारा सुरक्षित और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से छोटे उद्योगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
थोक पिचकारी एवं रंग के व्यवसायी सौरभ साहू और पंकज जैन ने बताया, “इस बार ग्राहकों में केमिकल रंगों से दूरी साफ दिखाई दे रही है। लोग बच्चों की त्वचा और पर्यावरण को ध्यान में रखकर हर्बल रंग, फूलों से बने गुलाल और देसी पिचकारी अधिक खरीद रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में सुरक्षित रंगों की बिक्री कई गुना बढ़ी है और स्वदेशी उत्पादों को ग्राहकों का भरोसा मिल रहा है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में भी उत्साह देखा जा रहा है। अनुमानतः सुरक्षित व हर्बल उत्पादों की बिक्री में करीब 30–40% तक वृद्धि दर्ज की जा रही है।””

भोपाल संभाग में अनुमानित होली का कारोबार
1. रंग‑गुलाल
20–30 करोड़
2. पिचकारी‑खिलौने
8–10 करोड़
3. मिठाई‑नमकीन
20–25 करोड़
4. कपड़े
10–15 करोड़
5. भांग‑ठंडाई
5 –10 करोड़
6. डीजे‑टेंट
10–12 करोड़
7. किराना-डेयरी
20– 30 करोड़
8. पूजा का सामान
10- 20 करोड़

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि सबसे अधिक लाभ किराना, डेयरी, मिठाई व फुटकर व्यापारियों को मिलता हैँ, क्योंकि त्यौहार कोई भी हो इन सभी आवश्यक वस्तुओं की हर घर में आवश्यकता बहुत अधिक हो जाती है।
चौक,आज़ाद मार्किट, इतवारा,मारवाड़ी रोड, लोहा बाजार, भेल, 10 नंबर, बैरागढ़, करौद, सहित बैरसिया में भी होली से पांच दिन पहले ही बिक्री चरम पर पहुंच जाती ।
कुल मिलाकर भोपाल संभाग में लगभग होली से रंग पंचमी तक 100–150 करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है।
इस बार की होली केवल रंगों की नहीं बल्कि स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती भागीदारी की भी होली बनती नजर आ रही है, जहां बाजार में ‘मेक इन इंडिया’ का रंग पहले से कहीं ज्यादा गहरा दिखाई दे रहा है।
होली रंग पंचमी के पावन अवसर पर रिटेल बाजार पूर्ण रूप से सज चुके हैं भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि बाजारों में होली सामग्री होलियारों के लिए के तैयार हो चुकी है।
यहां प्रति नग / प्रति पैक लगभग चल रहे रेट चल रहे हैं।

भोपाल होली सामग्री रेट लिस्ट (प्रति नग / पैक)
1. रंग – गुलाल
पैक साइज रेट
गुलाल लोकल
100 ग्राम
₹15 – ₹25
गुलाल ब्रांडेड
100 ग्राम
₹30 – ₹60
हर्बल गुलाल
100 ग्राम
₹50 – ₹120
अबीर
100 ग्राम
₹25 – ₹50
पक्का रंग
100 ग्राम
₹20 – ₹40
टेसू फूल रंग
100 ग्राम
₹60 – ₹140

2. पिचकारी
प्रकार रेट
छोटी बच्चों वाली
₹20 – ₹40
मीडियम प्लास्टिक
₹60 – ₹120
कार्टून पिचकारी
₹120 – ₹250
प्रेशर गन पिचकारी
₹250 – ₹450
टैंक पिचकारी (बैगवाली)
₹350 – ₹700
मेटल/हैवी गन
₹600 – ₹1200

3. गुब्बारे, बैलून
प्रकार रेट
पानी वाले गुब्बारे (50 पीस)
₹25 – ₹40
गुब्बारे पैकेट 100 पीस
₹50 – ₹80
पाइप वाले गुब्बारे
₹90 – ₹150

4. स्प्रे–फोम–स्नोसामग्री
रेट
कलर स्प्रे
₹80 – ₹150
स्नो स्प्रे
₹120 – ₹220
फोम स्प्रे
₹150 – ₹300
रंगीन धुआं स्मोक
₹200 – ₹450
5. अन्य होली आइटम
रेट
होली मास्क
₹20 – ₹120
होली कैप
₹25 – ₹80
टी-शर्ट (होली प्रिंट)
₹120 – ₹350
चश्मा
₹30 – ₹150
ढोल/डफली
₹80 – ₹400
रंग वाली टोपी/विग
₹70 – ₹250

6. पानी टैंक / बड़े आइटम
रेट
प्लास्टिक ड्रम (50-70L)
₹450 – ₹900
पानी टब
₹250 – ₹600
मिनी पूल
₹900 – ₹2500

केमिकल रंग कम बिक रहे हैं खासकर बच्चों के कारण लोग सेफ रंग ज्यादा मांग रहे हैँ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button