अयोध्या नगर जैन मंदिर में हो रही सिद्धों की आराधना
सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का हो रहा आयोजन। मानस्तंभ के शिल्पकार मोहम्मद असलम ने लिया प्रतिदिन जिन दर्शन एवं आजीवन मांसाहार त्याग का नियम।



फाल्गुन मास की अष्टानिका महापर्व पर दिनांक 24 फरवरी से 3 मार्च तक अयोध्या नगर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ चल रहा है। आज इस विधान की महिमा उस वक्त साकार रूप में देखने को मिली जब मंदिर जी में निर्माणाधीन 41 फिट उत्तंग मानस्तंभ के शिल्पकार मोहम्मद असलम ने प्रभु भक्ति से प्रेरित होकर विधानाचार्य पंडित कमल जैन हाथीशाह से मंदिर जी में दान की भावना प्रकट की साथ ही कहा कि आजीवन मांसाहार त्याग का नियम तो मैं पूर्व में ही ले चुका हूं और मैं आज से प्रतिदिन जिन दर्शन का भी नियम लेता हूं और इस संकल्प के साथ उन्होंने प्रभु के सम्मुख श्रीफल अर्पित किया। हेमलता जैन रचना ने बताया कि असलम भाई के इस अभूतपूर्व संकल्प से विद्यासागर सभागार में उपस्थित समस्त जनसमूह भाव विभोर हो गया और उन्होंने असलम भाई के इस पुण्य कार्य की खड़े होकर करतल ध्वनि से अनुमोदना की। इसी दौरान असलम भाई ने विधान में द्रव्य दान हेतु ₹11000 की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर मंदिर समिति तथा समाज जनों द्वारा असलम भाई को सम्मानित किया गया।
ज्ञातव्य हो कि अयोध्या नगर जैन मंदिर जी में 24 प्रतिमाओं वाले मानस्तंभ का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है जिसका निर्माण मोहम्मद असलम भाई द्वारा अपने पुत्रों फरदीन सोहेल और अरबाज के साथ किया जा रहा है। मंदिर समिति के मनोज जैन ने बताया कि शीघ्र ही इन जिन
प्रतिमाओं को गढ़ाकोटा में आयोजित होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में, पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में प्रतिष्ठित कराए जाने के पश्चात पूर्ण विधि-विधान से मानस्तंभ पर स्थापित किया जाएगा।


