संस्कारों की धरोहर से विश्व धरोहर को किया जा सकता है संरक्षित: बीके डॉ रीना दीदी


भोपाल। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान ब्लेसिंग हाउस* सेवाकेंद्र द्वारा विश्व धरोहर दिवस को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के अवसर के रूप में मनाया गया। सेवाकेंद्र प्रभारी *बीके डॉ. रीना दीदी* ने बताया कि विश्व की धरोहर का संरक्षण करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ का शिपिंग, एविएशन एवं टूरिज्म प्रभाग के अंतर्गत विश्व धरोहर दिवस पर ‘मेरी संस्कृति, मेरी पहचान’ कार्यक्रम के माध्यम से देश की विरासतों को संभालने का संदेश दिया गया। दीदी ने कहा कि विश्व की धरोहर को संभालने के लिए हमें समाज में संस्कारों की धरोहर को भी बचाना होगा। दीदी ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और देवभूमि के रूप में भारत की पहचान पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर ऐतिहासिक मंदिर भोजपुर में 1 घंटे का विशेष राजयोग मेडिटेशन किया गया, राजयोग मेडिटेशन द्वारा देश की विरासतों को बचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित सभी भाई बहनों को बीके डॉ. रीना दीदी ने विश्व की धरोहर को संरक्षित करने के लिए प्रतिज्ञा कराई। दीदी ने कहा कि विरासत, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए आइए हम इसे संरक्षित करने का संकल्प लें।
प्रतिज्ञा के मुख्य बिंदु
मैं अपनी विरासत को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का संकल्प लेता हूँ।
मैं अपने परिवार और मित्रों के बीच अपनी विरासत और उसके महत्व के बारे में जागरूकता फैलाऊँगा।
मैं विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाले मानवीय मूल्यों का पालन करूँगा।



