

नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने शुक्रवार को मार्च तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए। आरआईएल मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला दिग्गज कारोबारी समूह है। कंपनी ने बताया कि 2025-26 की चौथी तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) 13% घटा है। यह घटकर 16,971 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह 19,407 करोड़ रुपये था। इस रिपोर्टिंग अवधि में ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछली दिसंबर तिमाही के 18,645 करोड़ रुपये के मुकाबले इस तिमाही में प्रॉफिट में 8% की गिरावट आई। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हमें भू-राजनीतिक उथल-पुथल, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बदलते वैश्विक व्यापार पैटर्न जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन विपरीत परिस्थितियों का असर दुनिया भर के व्यवसायों पर पड़ा।
प्रति शेयर 6 रुपये डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ने मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए प्रति शेयर 6 रुपये का डिविडेंड देने की भी सिफारिश की है।
कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में मामूली गिरावट दर्ज की। इसमें EBITDA साल-दर-साल 0.3% गिरकर 48,588 करोड़ रुपये हो गया। मार्जिन भी पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 200 बेसिस पॉइंट्स घटकर 14.9% रह गया।
मुकेश अंबानी ने किया चुनौतियों का जिक्र
रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी ने कहा, ‘FY26 के दौरान हमें भू-राजनीतिक उथल-पुथल, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बदलते वैश्विक व्यापार पैटर्न जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन विपरीत परिस्थितियों का असर दुनिया भर के व्यवसायों पर पड़ा। हमारे पोर्टफोलियो की व्यापकता और घरेलू बाजार पर मजबूत पकड़ ने हमें बाहरी माहौल में मौजूद उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद की।’
मुख्य व्यवसायों से रेवेन्यू में बढ़ोतरी
इस तिमाही के दौरान रेवेन्यू में बढ़ोतरी कंपनी के मुख्य व्यवसायों की वजह से हुई, जहां सभी सेगमेंट ने डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। इनमें O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स), डिजिटल सेवाएं और रिटेल शामिल हैं। ऑपरेटिंग स्तर पर डिजिटल क्षेत्र में मजबूत ग्रोथ और रिटेल से मिले सकारात्मक योगदान की भरपाई ऊर्जा व्यवसायों में आई गिरावट से हो गई।
जियो का प्रदर्शन रहा मजबूत
इसके साथ ही, जियो प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। मार्च तिमाही के लिए कंपनी का टैक्स के बाद का प्रॉफिट (PAT) 13% बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल इसी तिमाही में 7,022 करोड़ रुपये था।
इस दौरान ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 38,259 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के 39,853 करोड़ रुपये की तुलना में 12.5% की बढ़ोतरी दिखाता है।
कंपनी का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) इस तिमाही में 3.8% बढ़कर 214 रुपये हो गया। यह पिछले साल इसी समय 206.2 रुपये था।



